नोएडा में ऑनलाइन बेटिंग ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी करने वालों का भंडाफोड़, 2.4 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले, 4 आरोपी गिरफ्तार
- Shiv Kumar
- 05 Jun, 2026
नोएडा। नोएडा पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गैंग सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को पैसे दोगुने करने का लालच देता था और फिर ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे ठगी करता था। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
सोशल मीडिया पर फंसाते थे शिकार, फिर शुरू होता था ठगी का खेल
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निवेश और कम समय में ज्यादा कमाई के विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों को ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप से जोड़ा जाता था। शुरुआत में कुछ लाभ दिखाकर लोगों का भरोसा जीता जाता था, लेकिन बाद में बड़ी रकम जमा कराने के बाद उनसे ठगी की जाती थी। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि गोपनीय सूचना और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर सेक्टर-79 क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
2.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन के मिले सबूत
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, तीन वाई-फाई राउटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। जब्त किए गए उपकरणों की जांच में लक्ष्मी ट्रेडर्स नाम के बैंक खाते के जरिए करीब 2.4 करोड़ रुपये के संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के प्रमाण मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि विभिन्न लोगों के साथ साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया गया था। अब पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है।
दक्षिण भारत के रहने वाले हैं आरोपी, कई और खुलासों की उम्मीद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साई कुमार, पंडाला सतीश, पांडुरंगा और उदयकुमार के रूप में हुई है। सभी मूल रूप से दक्षिण भारत के अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और फिलहाल नोएडा के सेक्टर-79 में रह रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। साइबर अपराध से जुड़े इस मामले को नोएडा पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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