नोएडा में 4 फीट गहरे खुले नाले में गिरे ICMR के पूर्व वैज्ञानिक, एक साल से नहीं लगा ढक्कन, लोगों ने बचाई जान
- Shiv Kumar
- 05 Jun, 2026
नोएडा के सेक्टर-122 में गुरुवार को एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के पूर्व निदेशक डॉ. आर.एस. शर्मा बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम में पैसे निकालने पहुंचे थे, तभी बैंक परिसर के बाहर खुले पड़े नाले में गिर गए। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटी भी साथ थीं। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर डॉ. शर्मा को नाले से बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में उन्हें केवल मामूली चोटें आईं। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं मिलती तो मामला गंभीर हो सकता था। जिस नाले में वे गिरे उसकी गहराई करीब चार फीट बताई जा रही है और बैंक के प्रवेश द्वार के ठीक सामने होने के कारण वहां आने-जाने वाले लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है।
एक साल से खुला पड़ा है नाला, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। क्षेत्र के पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा ने बताया कि बैंक के बाहर स्थित यह नाला करीब एक साल से खुला पड़ा है। इसे लेकर कई बार प्राधिकरण को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में रोजाना बड़ी संख्या में लोग बैंक और आसपास के प्रतिष्ठानों में आते-जाते हैं। इसके बावजूद खुले नाले को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
युवराज मेहता हादसे के बाद भी नहीं जागा सिस्टम
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्राधिकरण ने नाले को ढकने का आश्वासन दिया है और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की बात कही है। लेकिन निवासियों का कहना है कि जब तक काम शुरू नहीं होता, तब तक यहां हादसों का खतरा बना रहेगा। नोएडा में खुले गड्ढों और नालों से जुड़े हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। युवराज मेहता की मौत का मामला अभी लोगों के जहन में ताजा है। इसके अलावा सेक्टर-94 में भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। बावजूद इसके सुरक्षा इंतजामों में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। डॉ. आर.एस. शर्मा के साथ हुई घटना ने एक बार फिर शहर में खुले नालों और गड्ढों की समस्या को चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे सभी खतरनाक स्थानों को तत्काल सुरक्षित किया जाए और चेतावनी बोर्ड व बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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