गौतमबुद्धनगर में भू-माफियाओं पर बड़ा प्रहार, 5900 करोड़ से ज्यादा की जमीन कराई कब्जामुक्त
- Shiv Kumar
- 09 Jun, 2026
गौतमबुद्धनगर में अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस कमिश्नरेट को बड़ी सफलता मिली है। साल 2025 और 2026 के दौरान जिले में प्राधिकरण और सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इस अभियान के तहत अब तक 13.25 लाख वर्ग गज से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक कब्जामुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 5,903.95 करोड़ रुपये है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल जमीन खाली कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में सुनियोजित विकास और सरकारी परियोजनाओं को गति देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में चला विशेष अभियान
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा जोन में लगातार अभियान चलाकर भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस और संबंधित प्राधिकरणों की संयुक्त टीमों ने कई स्थानों पर अवैध कब्जों को हटाया और जमीन को फिर से सरकारी नियंत्रण में लिया। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से अवैध कब्जों की वजह से कई विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही थीं। अब इन जमीनों को संबंधित विभागों को सौंपा जा रहा है ताकि वहां नियोजित विकास कार्य शुरू किए जा सकें। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से भू-माफियाओं के हौसले भी पस्त होंगे और अवैध कब्जों पर प्रभावी रोक लगेगी।
सेंट्रल नोएडा में सबसे बड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान सबसे अधिक कार्रवाई सेंट्रल नोएडा जोन में की गई। यहां 8 लाख 89 हजार 127 वर्ग गज भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5,009.68 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं नोएडा जोन में 15 हजार वर्ग गज जमीन को कब्जामुक्त कराया गया, जिसकी कीमत लगभग 58 करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कई स्थानों पर लंबे समय से अवैध निर्माण और कब्जे बने हुए थे, जिन्हें हटाने के लिए विशेष अभियान चलाना पड़ा। कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
ग्रेटर नोएडा में भी चला बुलडोजर अभियान
ग्रेटर नोएडा जोन में भी अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यहां 4 लाख 21 हजार 833 वर्ग गज भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 836.27 करोड़ रुपये है। पुलिस और प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सरकारी और प्राधिकरण की बहुमूल्य जमीनों को सुरक्षित रखना और क्षेत्र में व्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी भू-माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






