नोएडा मेट्रो विस्तार को लगा झटका, NMRC ने अब तक नहीं ली जरूरी मंजूरी, दो प्रोजेक्ट्स में होगी देरी

top-news
नोएडा मेट्रो की दो अहम परियोजनाएं पर्यावरणीय मंजूरी नहीं मिलने के कारण अटक गई हैं। ग्रेटर नोएडा डिपो-बोड़ाकी और बोटेनिकल गार्डन-सेक्टर-142 मेट्रो लिंक का निर्माण स्वीकृति मिलने के बाद ही शुरू हो सकेगा। तकनीकी प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) की दो महत्वपूर्ण मेट्रो परियोजनाओं का निर्माण फिलहाल पर्यावरणीय मंजूरी का इंतजार कर रहा है। ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार और बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक एक्वा लाइन लिंक परियोजना के लिए अभी तक पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिल सकी है। ऐसे में तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू होने में देरी की आशंका बढ़ गई है। दोनों परियोजनाओं को शहर की यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अब निर्माण की शुरुआत पूरी तरह पर्यावरण विभाग से मिलने वाली अनुमति पर निर्भर है।


तकनीकी प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन पर्यावरणीय अनुमति का इंतजार

एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश ने बताया कि सभी मेट्रो परियोजनाएं केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन आती हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यक मंजूरी मिलने में किसी बड़ी परेशानी की उम्मीद नहीं है और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस बीच दोनों परियोजनाओं की तकनीकी निविदाएं खोली जा चुकी हैं और प्राप्त प्रस्तावों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। हालांकि, जब तक पर्यावरणीय स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकेगा। इससे तय समयसीमा प्रभावित होने की संभावना भी बढ़ गई है।


करीब 1559 पेड़ प्रभावित, मंजूरी के बाद ही शुरू होगा काम

सर्वेक्षण के अनुसार ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रेलवे स्टेशन तक 2.6 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित कॉरिडोर पर दो नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना में 59 हरे पेड़ प्रभावित होंगे। वहीं, बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक प्रस्तावित 12.56 किलोमीटर लंबे एक्वा लाइन लिंक कॉरिडोर पर आठ स्टेशन बनाए जाने हैं। इस परियोजना की जद में लगभग 1500 पेड़ आ रहे हैं। नियमों के मुताबिक पेड़ों की कटाई या प्रतिरोपण से पहले पर्यावरणीय स्वीकृति लेना अनिवार्य है। फिलहाल संबंधित आवेदन भी अभी तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू होने की अंतिम समय-सीमा अब पर्यावरण विभाग की मंजूरी पर ही टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *