ग्रेटर नोएडा में मालवाहक और यात्री वाहनों के लिए बनेंगे अलग रास्ते, GNIDA ने तैयार की नई योजना
- Shiv Kumar
- 15 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा में मालवाहक और यात्री वाहनों की आवाजाही को अलग-अलग करने की योजना शहर के ट्रैफिक और औद्योगिक परिवहन को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसके तहत हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक छह लेन की एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव है। यह सड़क विशेष रूप से माल ढुलाई के लिए उपयोगी होगी। इससे लॉजिस्टिक्स हब से माल को एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। योजना पर सरकारी स्तर पर चर्चा हुई है, लेकिन इसे जमीन पर उतारने के लिए निर्माण और कनेक्टिविटी से जुड़े अगले कदम जरूरी होंगे।
105 मीटर चौड़ी सड़क का प्रस्ताव
GNIDA की योजना में ग्रेटर नोएडा से हापुड़ बाईपास तक करीब 105 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण शामिल है। प्रस्तावित मार्ग परी चौक से ग्रेटर नोएडा के फेज-2 क्षेत्र होते हुए हापुड़ बाईपास तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 37 किलोमीटर बताई गई है। इस सड़क से ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। योजना को दो चरणों में आगे बढ़ाने की बात सामने आई है। पहले चरण में जुनपत से बील अकबरपुर के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक सड़क विकसित करने का प्रस्ताव है। दूसरे चरण में इसे आगे हापुड़ बाईपास से जोड़ा जाएगा।
हापुड़ बाईपास से जुड़ाव
प्रस्तावित सड़क हापुड़ बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग-9 से जुड़ेगी। इससे ग्रेटर नोएडा से हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो सकता है। मौजूदा योजना के अनुसार, हापुड़ बाईपास से आगे सिंभावली के पास गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए करीब 15 किलोमीटर की कनेक्टिविटी भी जरूरी होगी। इस हिस्से के जुड़ने से ग्रेटर नोएडा और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच सीधा संपर्क बेहतर हो सकेगा। सड़क का निर्माण और अलग-अलग मार्गों का जुड़ाव पूरा होने के बाद लोगों को यात्रा के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। हालांकि, अंतिम रूट और निर्माण की प्रगति पर आगे की आधिकारिक जानकारी अहम रहेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी पर असर
ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से बेहतर तरीके से जोड़ना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। अभी प्रस्तावित सड़क हापुड़ बाईपास तक जाएगी और वहां से आगे करीब 15 किलोमीटर की कनेक्टिविटी के जरिए गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंच बनाई जा सकती है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा से मेरठ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और प्रयागराज की दिशा में यात्रा करने वालों को फायदा मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, नई कनेक्टिविटी से एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता छोटा और सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ सड़क के निर्माण, उससे जुड़ने वाले मार्गों और यातायात व्यवस्था पूरी तरह तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यात्रा समय में कितनी होगी बचत
GNIDA के अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित कनेक्टिविटी विकसित होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में करीब 30 से 45 मिनट लग सकते हैं। यह अनुमान नई सड़क और उससे जुड़े मार्गों के पूरा होने पर आधारित है। फिलहाल यात्रा का समय शुरुआती स्थान, ट्रैफिक और चुने गए रास्ते के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। नई सड़क बनने से हापुड़ बाईपास और गंगा एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है। इससे यात्रा की योजना बनाना आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, कितने मिनट की वास्तविक बचत होगी, इसका आकलन परियोजना पूरी होने और यातायात शुरू होने के बाद ही किया जा सकेगा।
इंडस्ट्रियल एरिया और लॉजिस्टिक्स को क्या फायदा होगा
ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक गतिविधियों और माल ढुलाई को बेहतर बनाने के लिए अलग मार्ग उपयोगी साबित हो सकते हैं। प्रस्तावित छह लेन की एलिवेटेड रोड मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल से जोड़ेगी। यह मार्ग पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के समानांतर विकसित करने का प्रस्ताव है। इससे मालवाहक वाहनों को यात्री यातायात के बीच से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है और माल को एयर कार्गो तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, गोदामों और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों को भी मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन लाभों का वास्तविक असर सड़क तैयार होने के बाद सामने आएगा।
प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद कब तक
105 मीटर चौड़ी सड़क और मालवाहक वाहनों के लिए प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर सितंबर 2026 में सरकारी स्तर पर चर्चा हुई है। उपलब्ध जानकारी में इन परियोजनाओं के पूरा होने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। सड़क को दो चरणों में विकसित करने और गंगा एक्सप्रेसवे तक कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना सामने आई है। निर्माण शुरू होने, जमीन से जुड़े काम और अलग-अलग मार्गों को जोड़ने की प्रक्रिया के आधार पर आगे की समयसीमा स्पष्ट होगी। फिलहाल यह योजना प्रस्ताव और तैयारी के स्तर पर है, इसलिए इसे पूरा होने में कितना समय लगेगा, इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। GNIDA और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी होने वाली अगली जानकारी इस परियोजना की प्रगति तय करेगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






