नोएडा में 'ऑपरेशन Cy-Vajra' के तहत दो फर्जी कॉल सेंटरों पर छापा, साइबर ठगी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार

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नोएडा पुलिस ने 'ऑपरेशन Cy-Vajra' के तहत दो फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश कर चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीमा पॉलिसी, लोन और इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस नेटवर्क की जांच कर रही है।

नोएडा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन Cy-Vajra' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, कम ब्याज पर लोन दिलाने और इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पेनड्राइव समेत कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।


159 संदिग्ध खातों की जांच के बाद हुआ खुलासा

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि 17 जुलाई को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई की गई। थाना स्तर पर मिले करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों की जांच के दौरान 19 रेड जोन चिन्हित किए गए थे। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की पड़ताल में सेक्टर-6 और सेक्टर-2 में संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा हुआ।


बीमा और लोन के नाम पर लोगों से करते थे ठगी

सेक्टर-6 स्थित कॉल सेंटर से संचालित गिरोह के आरोपी तनुज कुमार गोयल और पंकज को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों कम ब्याज पर लोन, लैप्स एलआईसी पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने, बीमा पॉलिसी मैच्योर कराने, अधिक क्लेम दिलाने और क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड और एक चेकबुक बरामद हुई है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम परिचितों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी और वारदात के बाद मोबाइल, सिम कार्ड तथा डिजिटल डेटा नष्ट कर दिए जाते थे।


इंडिगो में नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली

दूसरा फर्जी कॉल सेंटर सेक्टर-2 में संचालित किया जा रहा था, जहां से मोहित कुमार और आदेश यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का डेटा जुटाकर उन्हें इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। आरोपी फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजकर रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये वसूलते थे। ठगी के बाद वे इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड नष्ट कर नए नामों से सिम लेकर दोबारा वारदात को अंजाम देते थे। इनके पास से दो कंप्यूटर, आठ मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड और एक पेनड्राइव बरामद की गई है।


आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने दोनों मामलों में थाना फेस-1 में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इनके बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

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