जलभराव पर नोएडा प्राधिकरण सख्त, 3 सफाई सुपरवाइजर हटाए गए, 8 अधिकारियों पर भी कार्रवाई
- Shiv Kumar
- 21 Jul, 2026
शहर में खराब सफाई व्यवस्था और जलभराव की लगातार मिल रही शिकायतों पर नोएडा प्राधिकरण ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने वाले तीन सुपरवाइजरों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा तीन मैनेजर और पांच जूनियर इंजीनियरों का एक महीने का वेतन स्थायी रूप से काटने के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जीएम) एस.पी. सिंह के निर्देश पर की गई। अधिकारियों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नालों की सफाई अधूरी मिलने पर हुई कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने सभी नालों की सफाई 15 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि समीक्षा में सामने आया कि शहर के करीब 30 प्रतिशत नालों की सफाई अब भी अधूरी है। इसके अलावा कई सेक्टरों में कूड़े के ढेर और गंदगी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। निरीक्षण और समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
10 वर्क सर्किलों की निगरानी के लिए दो नोडल अधिकारी नियुक्त
सफाई व्यवस्था और जलभराव की प्रभावी निगरानी के लिए प्राधिकरण ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है। ओएसडी इंदू प्रकाश को वर्क सर्किल-1 से 5 और जीएम आर.एस. यादव को वर्क सर्किल-6 से 10 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों अधिकारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और सफाई व नालों की स्थिति की रिपोर्ट सीधे सीईओ कृष्णा करुणेश को सौंपेंगे।
लापरवाही पर आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य शहर में जलभराव की समस्या खत्म करना और नागरिकों को बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
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