दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर भ्रामक पोस्ट करने वालों पर FIR, नोएडा पुलिस तीन सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में जुटी

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गौतमबुद्धनगर में सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो पोस्ट कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में तीन सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट क्षेत्र में सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक वीडियो और भड़काऊ दावे साझा कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश का मामला सामने आया है। साइबर थाना पुलिस ने इस संबंध में तीन सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस का आरोप है कि इन अकाउंट्स के माध्यम से बिना सत्यापन के गलत जानकारी प्रसारित कर लोगों को गुमराह करने और सामाजिक माहौल प्रभावित करने का प्रयास किया गया। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


मजदूर आंदोलन को लेकर किया गया भ्रामक दावा

पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को इंस्टाग्राम अकाउंट 'जंतर-मंतर लाइव 24 सच की बात जेन जेड' से एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें दावा किया गया कि नोएडा सेक्टर-63 में 45 हजार से अधिक श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और इसके कारण सेक्टर-63 तथा चिल्ला बॉर्डर पर यातायात प्रभावित हो गया है। जांच में पुलिस ने इस दावे को भ्रामक बताया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में नोएडा में इस प्रकार का कोई श्रमिक आंदोलन नहीं चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, राज्य सरकार पहले ही वेतन वृद्धि से जुड़े निर्णय ले चुकी है और इस तरह की पोस्ट से लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई।


पुलिस के व्यवहार से जुड़ा वीडियो भी जांच के घेरे में

दूसरी एफआईआर इंस्टाग्राम अकाउंट 'चर्चा जंक्शन न्यूज' और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के 'ट्रूथफुल क्रिटिकल' अकाउंट के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, इन अकाउंट्स से एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों के आम लोगों के साथ कथित अभद्र व्यवहार का दावा किया गया। पोस्ट में यह भी लिखा गया था कि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि यह कब और किस घटना का है। इसके बावजूद लोगों से पुलिस की कार्रवाई पर टिप्पणी करने की अपील की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह के पोस्ट के जरिए बिना तथ्यों की पुष्टि किए भ्रामक नैरेटिव तैयार करने का प्रयास किया गया।


सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

साइबर थाना पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों और पोस्ट की तकनीकी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की झूठी, भ्रामक या तथ्यहीन जानकारी साझा कर कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें और अफवाहों से बचें।

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