नोएडा में WhatsApp लिंक पर क्लिक करना पड़ा भारी, युवक से 22.32 लाख की साइबर ठगी, फोन पर डराकर ट्रांसफर कराए पैसे
- Shiv Kumar
- 27 Jul, 2026
गाजियाबाद में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां व्हाट्सऐप पर भेजे गए एक लिंक के जरिए 52 वर्षीय व्यक्ति से 22.32 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोप है कि साइबर ठगों ने करीब पांच महीने तक पीड़ित को अलग-अलग तरीकों से डराकर और दबाव बनाकर कई किस्तों में अपने बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद रविवार शाम को सेक्टर-36 स्थित साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और आरोपियों के डिजिटल नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
व्हाट्सऐप लिंक पर क्लिक करते ही शुरू हुआ ठगी का खेल
प्रताप विहार निवासी सतीश दीक्षित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 सितंबर 2024 को उनके मोबाइल पर व्हाट्सऐप के माध्यम से एक लिंक भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने उस लिंक पर क्लिक किया, कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया और विभिन्न बहानों से उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। आरोप है कि ठगों ने लगातार मानसिक दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग तारीखों में रकम ट्रांसफर करवाई। शिकायत के अनुसार, 5 और 6 सितंबर को 1.30 लाख रुपये, 16 से 19 सितंबर के बीच 3.30 लाख रुपये, 30 सितंबर को 12.70 लाख रुपये और 19 अक्टूबर को 4.99 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। इस तरह कुल 22.32 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
शिकायत के बाद रकम फ्रीज, अब बाकी पैसे लौटाने की कोशिश
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस और संबंधित बैंकों की मदद से 1.84 लाख रुपये की राशि फ्रीज कराई गई। हालांकि अब तक पीड़ित को केवल 9,500 रुपये ही वापस मिल सके हैं, जबकि बाकी फ्रीज राशि की वापसी की प्रक्रिया जारी है। पीड़ित ने पुलिस से पूरी रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि बैंक खातों, ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें और संदिग्ध संदेश मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
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