201 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर निकले बॉबी यादव, अखिलेश यादव के फिर मुख्यमंत्री बनने की कामना की
- Shiv Kumar
- 01 Aug, 2026
नोएडा के सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद गांव निवासी बॉबी यादव सावन के पावन महीने में 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए निकले हैं। बॉबी यादव का कहना है कि उन्होंने यह कांवड़ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की कामना के साथ उठाई है। उनके इस संकल्प को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। बड़ी कांवड़ होने के कारण यात्रा के दौरान लोगों का ध्यान भी इस ओर आकर्षित हुआ। बॉबी यादव का कहना है कि उन्होंने भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की खुशहाली, जनता के कल्याण और विकास की प्रार्थना की है। सावन के दौरान निकली यह अनोखी कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था और राजनीतिक चर्चा, दोनों का विषय बन गई है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया और कई स्थानों पर स्वागत भी किया गया।
भगवान शिव से की विशेष मनोकामना
बॉबी यादव ने बताया कि उनकी यह कांवड़ यात्रा पूरी तरह आस्था और विश्वास से जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि उन्होंने भोलेनाथ से प्रार्थना की है कि उत्तर प्रदेश में ऐसी सरकार बने, जो जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरे। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत मनोकामना है कि अखिलेश यादव दोबारा प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। सावन के पवित्र महीने में उन्होंने इसी संकल्प के साथ 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई है और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। उनका कहना है कि यह उनकी निजी श्रद्धा और विश्वास का हिस्सा है।
यात्रा के दौरान जगह-जगह हुआ स्वागत
कांवड़ यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बॉबी यादव का फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और विश्राम की भी व्यवस्था की गई। 201 लीटर गंगाजल की कांवड़ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। बड़ी संख्या में लोग कांवड़ देखने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए भी पहुंचे। यात्रा के दौरान शिवभक्ति के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।
आस्था के साथ राजनीतिक संदेश की भी चर्चा
बॉबी यादव का कहना है कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत संकल्प से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि वह भगवान शिव से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस कांवड़ यात्रा को शिवभक्ति के साथ एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। सावन के दौरान निकली इस अनोखी कांवड़ यात्रा की क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। हालांकि यह उनकी व्यक्तिगत आस्था और संकल्प से जुड़ा कार्यक्रम है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






