नोएडा में ट्रकों की आवाजाही होगी व्यवस्थित, 24 घंटे के ट्रैफिक डेटा के आधार पर तैयार हुआ सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान
- Shiv Kumar
- 13 Sep, 2026
शहर में रोजाना आने-जाने वाले मालवाहक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सिटी लॉजिस्टिक प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसमें शहर की बाहरी और अंदरूनी सड़कों को जोड़कर ट्रकों की आवाजाही के लिए व्यवस्थित नेटवर्क तैयार करने का प्रस्ताव है। प्लान तैयार करने के दौरान शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पहुंचने वाले ट्रकों की संख्या, उनके आने-जाने का समय और खासतौर पर व्यस्त समय में यातायात पर पड़ने वाले असर का अध्ययन किया गया है। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई के लिए पहुंचने वाले वाहनों और एनसीआर के दूसरे जिलों से रोजाना नोएडा आने वाले ट्रकों के आंकड़ों को भी शामिल किया गया है।
24 घंटे के यातायात आंकड़ों का किया गया अध्ययन
सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने के लिए करीब 24 घंटे के यातायात आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसमें यह देखा गया कि शहर के अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्गों पर किस समय कितने मालवाहक वाहन पहुंचते हैं। व्यस्त समय में ट्रकों की संख्या बढ़ने से यातायात पर कितना दबाव पड़ता है, इसका भी आकलन किया गया है। इस अध्ययन के आधार पर ट्रकों की मौजूदा आवाजाही और उनके प्रमुख मार्गों की जानकारी जुटाई गई। प्राधिकरण का प्रयास है कि मालवाहक वाहनों की आवाजाही को इस तरह व्यवस्थित किया जाए, जिससे शहर के सामान्य यातायात पर अनावश्यक दबाव कम हो सके।
औद्योगिक क्षेत्रों से आने-जाने वाले ट्रकों का भी हिसाब
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन पहुंचते हैं। प्लान तैयार करते समय इन क्षेत्रों की जरूरतों और वहां होने वाली माल ढुलाई को भी अध्ययन में शामिल किया गया है। किस औद्योगिक क्षेत्र में कितने वाहन पहुंचते हैं और उनके आने-जाने का तरीका क्या है, इससे जुड़े आंकड़े भी जुटाए गए हैं। इसके अलावा एनसीआर के दूसरे जिलों से नोएडा आने वाले ट्रकों की संख्या और उनकी आवाजाही का भी विश्लेषण किया गया है। इससे शहर में माल ढुलाई के मौजूदा दबाव और भविष्य की जरूरतों को समझने में मदद मिलेगी।
रूट तय करने के साथ भविष्य की जरूरतों पर भी जोर
प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि सिटी लॉजिस्टिक प्लान का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसमें ट्रकों की मौजूदा आवाजाही, औद्योगिक क्षेत्रों की जरूरत और प्रमुख प्रवेश-निकास मार्गों से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मालवाहक वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और भविष्य में बढ़ने वाली लॉजिस्टिक जरूरतों के हिसाब से सड़क नेटवर्क तैयार करना है। ड्राफ्ट को अब समिति के सामने रखा जाएगा। समिति की समीक्षा और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे प्राधिकरण बोर्ड और फिर शासन को भेजा जाएगा।
नोएडा समेत यूपी के तीन शहर योजना में शामिल
केंद्र सरकार ने देश के 25 राज्यों के 100 से ज्यादा शहरों में सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने की योजना शुरू की है। उत्तर प्रदेश से नोएडा, वाराणसी और मुरादाबाद को इसमें शामिल किया गया है। नोएडा में सर्वे का काम जून तक पूरा किया जाना था। अब प्राधिकरण ने ड्राफ्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए एसीईओ की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। इसमें सिविल और नियोजन विभाग के महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और औद्योगिक विभाग के एजीएम के साथ आरटीओ और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। समिति ड्राफ्ट की समीक्षा के बाद इसे आगे बोर्ड के सामने रखने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
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