मुराद पूरी नहीं हुई तो पुरोहित का ही कर लिया अपहरण, एक लाख की मांगी रंगदारी, दो गिरफ्तार
- Shiv Kumar
- 13 Sep, 2026
नोएडा में मन्नत पूरी न होने से नाराज दो लोगों पर पुरोहित के अपहरण और फिरौती मांगने का आरोप लगा है। आरोप है कि जौनपुर निवासी आशीष और प्रवेश ने नोएडा के रहने वाले पुरोहित अनिल तिवारी को पूजा कराने के बहाने जौनपुर बुलाया और वहां एक कमरे में बंधक बना लिया। दोनों का कहना था कि पुरोहित ने पहले जो धार्मिक अनुष्ठान कराया था, उसमें उन्होंने पैसे खर्च किए थे, लेकिन उनकी मनोकामना पूरी नहीं हुई। आरोपियों ने पूजा में खर्च रकम वापस मांगने के साथ पुरोहित को छोड़ने के बदले उनके परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-113 थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूजा के बहाने पुरोहित को जौनपुर बुलाया
पुलिस के मुताबिक, अनिल तिवारी नोएडा में पुरोहित का काम करते हैं। कुछ समय पहले जौनपुर निवासी आशीष और प्रवेश ने उनसे धार्मिक अनुष्ठान कराया था। आरोपियों की कथित मंशा किसी मनोकामना के पूरा होने की थी। जब काफी समय बीतने के बाद उनकी इच्छा पूरी नहीं हुई तो दोनों ने पुरोहित को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद एक और पूजा कराने के बहाने अनिल तिवारी को जौनपुर बुलाया गया। पुरोहित जब वहां पहुंचे तो उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया।
एक लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप
आरोप है कि पुरोहित को बंधक बनाने के बाद दोनों ने उनके परिजनों से संपर्क किया। उनसे पुरोहित को छोड़ने के बदले एक लाख रुपये की मांग की गई। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। आरोपियों का कहना था कि पहले कराई गई पूजा में उन्होंने जो रकम खर्च की थी, वह उन्हें वापस चाहिए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने नोएडा के सेक्टर-113 थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।
फिरौती लेने पहुंचे तो पुलिस ने दबोचा
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। जब दोनों कथित तौर पर फिरौती की रकम लेने के लिए सर्फाबाद के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और अपहरण की पूरी घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में उनके साथ कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
आस्था और अंधविश्वास के बीच खड़ा हुआ सवाल
यह मामला धार्मिक आस्था के नाम पर किए गए अनुष्ठान और उसके बाद कथित तौर पर सामने आई आपराधिक सोच को लेकर भी सवाल खड़े करता है। मनोकामना पूरी न होने पर पूजा कराने वाले पुरोहित को जिम्मेदार ठहराकर कथित रूप से उसका अपहरण करना और फिरौती मांगना मामले को और गंभीर बनाता है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुटी है।
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