ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रेस्टोरेंट में कॉफी पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ी, पैकेट पर एक्सपायरी डेट नहीं मिलने पर मैनेजर से हुआ विवाद
- Shiv Kumar
- 13 Sep, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित एक नामी रेस्टोरेंट में कॉफी पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि कॉफी पीने के कुछ ही देर बाद उसे उल्टी और तेज बुखार की शिकायत होने लगी। इसके बाद उसने रेस्टोरेंट से कॉफी का पाउच मांगा, लेकिन आरोप है कि उस पर न तो समाप्ति की तारीख स्पष्ट थी और न ही तारीख से जुड़ी जरूरी जानकारी दिखाई दे रही थी। पीड़ित ने रेस्टोरेंट की खाद्य गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की है। उसका आरोप है कि शिकायत करने पर रेस्टोरेंट के मैनेजर आशुतोष ने मदद करने के बजाय उसके साथ बदसलूकी की।
कॉफी पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
पीड़ित के अनुसार, वह बिसरख थाना क्षेत्र स्थित ‘काला नमक’ रेस्टोरेंट में गया था। वहां कॉफी पीने के कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उल्टी के साथ तेज बुखार की शिकायत होने लगी। तबीयत खराब होने पर उसने रेस्टोरेंट प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। पीड़ित का कहना है कि इस घटना के बाद उसके मन में रेस्टोरेंट में परोसे जा रहे खाद्य और पेय पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। उसने संबंधित अधिकारियों से रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की जांच कराने की मांग की है।
कॉफी के पाउच पर तारीख नहीं होने का आरोप
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उसने कॉफी का पाउच दिखाने और उसकी जानकारी लेने की मांग की। आरोप है कि पाउच पर समाप्ति की तारीख या उससे जुड़ी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसी बात को लेकर पीड़ित ने रेस्टोरेंट की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि ग्राहकों को दिए जाने वाले खाद्य और पेय पदार्थों पर जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए। हालांकि, कॉफी पीने और युवक की तबीयत बिगड़ने के बीच सीधा कारण क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मैनेजर पर बदसलूकी का आरोप
पीड़ित ने रेस्टोरेंट के मैनेजर आशुतोष पर भी बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जब उसने उल्टी और तेज बुखार की शिकायत करते हुए मदद मांगी तो मैनेजर ने उसकी समस्या सुनने के बजाय कथित तौर पर अकड़ दिखाते हुए उससे खराब व्यवहार किया। घटना के बाद पीड़ित ने खाद्य सुरक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर रेस्टोरेंट की जांच कराने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि यदि खाद्य सामग्री में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच के बाद साफ होगी खाद्य गुणवत्ता की स्थिति
फिलहाल मामला खाद्य सुरक्षा और रेस्टोरेंट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से जुड़े सवालों पर केंद्रित है। पीड़ित के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कॉफी के नमूने, पाउच पर दर्ज जानकारी और रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री के रखरखाव की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़ित ने संबंधित विभाग से जल्द जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मैनेजर पर लगाए गए बदसलूकी के आरोपों की भी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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