ग्रेटर नोएडा में करीब 4 महीने में ही खराब हुई इलेक्ट्रिक बस, बीच सड़क यात्रियों को उतारा, मेंटेनेंस पर उठे सवाल
- Shiv Kumar
- 14 Sep, 2026
ग्रेटर नोएडा में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हुए अभी करीब चार महीने ही हुए हैं, लेकिन अब बसों की तकनीकी स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सूरजपुर घंटा गोल चक्कर के पास एक इलेक्ट्रिक बस बीच सड़क पर खराब हो गई। बस में उस समय यात्री सवार थे। तकनीकी खराबी के कारण बस को आगे ले जाना संभव नहीं हुआ तो यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य तक भेजा गया। घटना के बाद इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि ग्रेटर नोएडा के कई रूटों पर पहले से ही इलेक्ट्रिक बसें कम यात्रियों के साथ चल रही हैं। ऐसे में बसों के बीच रास्ते में खराब होने से यात्रियों की परेशानी के साथ राजस्व पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
सूरजपुर घंटा गोल चक्कर के पास खराब हुई बस
जानकारी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक बस ग्रेटर नोएडा के एक रूट पर यात्रियों को लेकर जा रही थी। इसी दौरान सूरजपुर घंटा गोल चक्कर के पास बस में तकनीकी खराबी आ गई। चालक ने बस को सड़क किनारे रोक दिया, जिसके बाद यात्रियों को आगे की यात्रा को लेकर परेशानी हुई। बस को मौके पर खड़ा करने के बाद यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य तक भेजा गया। हालांकि, तकनीकी खराबी की वजह क्या थी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन सेवा शुरू होने के कुछ ही महीनों के भीतर बस खराब होने की घटना ने संचालन व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
पहले से खाली चल रही हैं कई इलेक्ट्रिक बसें
ग्रेटर नोएडा के कई रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों में अपेक्षा के मुताबिक यात्री नहीं मिल रहे हैं। कई बार बसें कम यात्रियों के साथ चलती दिखाई देती हैं। इससे बस सेवा की उपयोगिता और आर्थिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। अब बीच रास्ते बस में तकनीकी खराबी आने से यात्रियों की परेशानी बढ़ने की चिंता है। यदि किसी रूट पर नियमित रूप से बस खराब होती है या लंबे समय तक सेवा प्रभावित रहती है तो इसका सीधा असर यात्रियों के भरोसे पर पड़ सकता है। साथ ही कम यात्री मिलने वाले रूटों पर संचालन लागत और राजस्व के बीच संतुलन बनाए रखना भी चुनौती बन सकता है।
मेंटेनेंस और संचालन व्यवस्था पर उठे सवाल
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते सेवा बाधित होने पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रेटर नोएडा में नई इलेक्ट्रिक बस सेवा से लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन की उम्मीद है। ऐसे में बसों की नियमित जांच, समय पर रखरखाव और संचालन व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी माना जा रहा है। सूरजपुर में बस खराब होने की घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि बसों के रखरखाव की व्यवस्था कितनी प्रभावी है और तकनीकी खराबी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






