गांवों की जमीन लेकर बसाया जाएगा न्यू नोएडा, चार चरणों में होगा अधिग्रहण, 5 लेखपाल संभालेंगे जिम्मेदारी
- Shiv Kumar
- 17 Sep, 2026
न्यू नोएडा को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र के तहत विकसित होने वाले इस नए शहर में नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर वर्क सर्किल बनाए जाएंगे। शुरुआती चरण में दो वर्क सर्किल बनाए जाने की योजना है और इन्हीं के जरिए विकास कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए पांच लेखपालों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है, जबकि अतिरिक्त लेखपालों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। प्राधिकरण का जोर जमीन के दस्तावेज, मालिकाना हक और अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर है।
जिस गांव की जमीन पहले ली जाएगी, वही बनेगा सेक्टर-1
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के मुताबिक, न्यू नोएडा में सेक्टरों का निर्धारण जमीन अधिग्रहण के क्रम के आधार पर किया जाएगा। जिस गांव की जमीन सबसे पहले अधिग्रहित होगी, उसे सेक्टर-1 के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद जमीन अधिग्रहण के क्रम में सेक्टर-2, सेक्टर-3 और आगे के सेक्टर बनाए जाएंगे। इसी व्यवस्था के अनुसार वर्क सर्किल भी बांटे जाएंगे। इससे नए शहर का विकास चरणबद्ध और व्यवस्थित तरीके से करने की योजना है। सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया है कि अधिसूचना के बाद तय समय सीमा के पश्चात किया गया निर्माण अवैध माना जाएगा। इससे अधिसूचित क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी।
किसानों को मिलेगा मुआवजा और आबादी भूखंड का लाभ
प्राधिकरण की योजना न्यू नोएडा के विकास में किसानों और भूमिधरों को भी भागीदार बनाने की है। सीईओ के अनुसार, पहले और दूसरे चरण में जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप देने की योजना है। वहीं तीसरे और चौथे चरण में मुआवजा दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना प्राधिकरण के मानकों के अनुसार देने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए शासन की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन खरीद और किसानों से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
31 गांवों में कैंप लगाकर किसानों से जुटाई जाएगी जानकारी
न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल 31 गांवों में प्राधिकरण की ओर से कैंप लगाने की तैयारी है। इन शिविरों में किसानों और भूमिधरों को जमीन खरीद से जुड़ी प्रक्रिया समझाई जाएगी। साथ ही जमीन के दस्तावेज, मालिकाना हक और अन्य जरूरी जानकारी भी जुटाई जाएगी। प्राधिकरण के मुताबिक, न्यू नोएडा क्षेत्र के कई किसान पहले से कार्यालय पहुंचकर जमीन खरीद, मुआवजा और आबादी भूखंड से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। इससे अधिग्रहण की प्रक्रिया में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। पहले चरण में भूमि संबंधी सर्वे और अभिलेखों के सत्यापन का काम भी किया जा रहा है।
चार चरणों में तैयार होगा 209.11 वर्ग किलोमीटर का न्यू नोएडा
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 209.11 वर्ग किलोमीटर यानी 20,911.29 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया गया है। पूरे शहर को चार चरणों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में 2023 से 2027 के बीच 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाना है। दूसरे चरण में 2027 से 2032 के बीच 3,798 हेक्टेयर, तीसरे चरण में 2032 से 2037 के बीच 5,908 हेक्टेयर और चौथे चरण में 2037 से 2041 के बीच 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र के विकास की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण की समयसीमा नजदीक होने के कारण जमीन से जुड़े काम में तेजी लाई जा रही है।
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