नोएडा सेक्टर-18 में गरीब की ठेली उठा ले गए प्राधिकरण के कर्मचारी, अवैध दुकानों पर कार्रवाई को लेकर उठे सवाल

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नोएडा के सेक्टर-18 में प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान एक गरीब रेहड़ी वाले की ठेली उठाए जाने का मामला सामने आया है। युवक सड़क पर अपने कपड़े समेटता नजर आया। घटना के बाद सेक्टर-18 में मौजूद अन्य दुकानों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नोएडा के सेक्टर-18 में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक गरीब रेहड़ी वाले की ठेली उठाए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्राधिकरण के कर्मचारी उसकी ठेली अपने साथ ले गए। घटना के बाद रेहड़ी वाला सड़क पर बिखरे अपने कपड़ों को समेटता नजर आया। इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सभी के खिलाफ एक समान तरीके से की जा रही है।


रेहड़ी वाले की ठेली उठी, सड़क पर बिखरे कपड़े

बताया जा रहा है कि सेक्टर-18 में कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने एक रेहड़ी वाले की ठेली हटा दी। ठेली चले जाने के बाद युवक सड़क पर अपने कपड़े बीनता दिखाई दिया। घटना का यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। सवाल यह भी है कि रोजी-रोटी के लिए सड़क किनारे ठेली लगाने वाले छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन क्या इसी तरह बड़े स्तर पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है।


सेक्टर-18 में अवैध दुकानों को लेकर सवाल

सेक्टर-18 शहर का प्रमुख बाजार है और यहां अतिक्रमण को लेकर पहले भी कार्रवाई होती रही है। अप्रैल 2025 में प्राधिकरण ने सावित्री बाजार और आसपास 50 से अधिक दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटाया था। वहीं, सितंबर 2026 में सामने आई एक रिपोर्ट में सेक्टर-18 बाजार में अवैध रेहड़ी-पटरी को व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बताया गया था।


छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई, बड़े अतिक्रमण पर सवाल

इस मामले को लेकर अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि सड़क और सार्वजनिक जगह पर अतिक्रमण हटाना प्राधिकरण की कार्रवाई का हिस्सा है तो सेक्टर-18 में मौजूद अन्य अवैध दुकानों और कब्जों पर भी समान कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती। हालांकि, संबंधित दुकानों के अवैध होने की पुष्टि इस मामले में उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। ऐसे में प्राधिकरण की ओर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि कार्रवाई किन नियमों के तहत की गई और आगे अवैध दुकानों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।

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