यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में Made By India और Nature Plus ने दिखाई भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की ताकत

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UPITS में मेड बाय इंडिया ने 'डायरेक्ट फ्रॉम फैक्ट्री' मॉडल के जरिए भारतीय स्टार्स को बाजार से जोड़ने की पहली पेशकश की। वहीं नेचर प्लस ने बांस और ऑर्गेनिक कॉटन से तैयार सस्टेनेबल टेक्सटाइल मॉडल का प्रदर्शन किया।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भारतीय विनिर्माण और टिकाऊ उत्पादों को बढ़ावा देने वाली मेड बाय इंडिया ने अपनी प्रदर्शनी लगाई है। कंपनी के साथ उसके टिकाऊ कपड़ा ब्रांड नेचर प्लस ने भी मेले में अपने उत्पादों को प्रदर्शित किया है। मेड बाय इंडिया का मुख्य उद्देश्य भारतीय निर्माताओं को सीधे ग्राहकों और खरीदारों से जोड़ना है। इसके लिए कंपनी ‘कारखाने से सीधे’ मॉडल के तहत निर्माताओं को अपने उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल मंच उपलब्ध करा रही है। व्यापार मेले में कंपनी के स्टॉल पर अलग-अलग श्रेणियों के भारतीय निर्माताओं और उनके उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। यहां आने वाले खरीदारों, कारोबारियों और अन्य आगंतुकों को कंपनी के कारोबार मॉडल के साथ भारतीय उत्पादों और उनकी निर्माण क्षमता के बारे में जानकारी दी जा रही है।



बांस और जैविक कपास से बने उत्पादों ने खींचा ध्यान

मेड बाय इंडिया के साथ नेचर प्लस ने भी अपने टिकाऊ कपड़ा उत्पादों को व्यापार मेले में पेश किया है। ब्रांड ऐसे उत्पादों पर काम कर रहा है, जिनमें उपभोक्ताओं के आराम के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखा जाता है। नेचर प्लस के प्रमुख उत्पादों में बांस और जैविक कपास से तैयार टी-शर्ट और अन्य परिधान शामिल हैं। ब्रांड प्राकृतिक रेशों को आधुनिक कपड़ा तकनीक और डिजाइन के साथ जोड़कर आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। व्यापार मेले में इन उत्पादों को खरीदारों और आगंतुकों के सामने रखा जा रहा है, ताकि उन्हें प्राकृतिक रेशों से तैयार कपड़ा उत्पादों के बारे में जानकारी मिल सके।


भारतीय निर्माताओं को बड़े बाजार तक पहुंचाने की कोशिश

मेड बाय इंडिया की उपाध्यक्ष सिल्की सहनी ने यूपीआईटीएस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे निर्माता हैं, जिनके पास अच्छी उत्पादन क्षमता और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद हैं, लेकिन उन्हें बड़े बाजार तक पहुंचने के लिए मजबूत मंच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेड बाय इंडिया का उद्देश्य निर्माताओं को सीधे ग्राहकों और खरीदारों से जोड़ना है। ‘कारखाने से सीधे’ मॉडल के जरिए निर्माताओं को अपने उत्पाद बड़े बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले जैसा मंच भारतीय निर्माताओं और उनके उत्पादों को देश-विदेश से आने वाले खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देता है। उन्होंने बताया कि नेचर प्लस के माध्यम से टिकाऊ कपड़ा उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है और बांस व जैविक कपास जैसे प्राकृतिक रेशों से तैयार उत्पादों को उपभोक्ताओं के सामने रखा जा रहा है। कंपनी के अनुसार, मेड बाय इंडिया का लक्ष्य भारतीय विनिर्माण व्यवस्था को डिजिटल कारोबार से जोड़ते हुए निर्माताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करना है। मेले में संभावित खरीदारों, निर्माताओं, वितरकों और कारोबारी साझेदारों के साथ व्यापारिक संभावनाओं पर भी चर्चा की जा रही है।

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