ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन से पहले किसानों पर कार्रवाई, 44 गांवों के किसान 4 प्रतिशत अतिरिक्त भूखंड की मांग कर रहे
- Shiv Kumar
- 22 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित किसानों को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। किसान 4 प्रतिशत अतिरिक्त भूखंड की मांग को लेकर प्राधिकरण कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने जा रहे थे। हालांकि, प्राधिकरण पहुंचने से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया और बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद किसानों की मांग को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में आ गया है। जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू होने के कारण प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कही है। वहीं, किसानों का कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रदर्शन का ऐलान कर दिया था और वे अपनी लंबे समय से लंबित मांग को उठाने जा रहे थे।
44 गांवों के किसान लंबे समय से कर रहे मांग
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित 44 गांवों के किसान लंबे समय से 4 प्रतिशत अतिरिक्त भूखंड देने की मांग कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक, यह उनकी पुरानी मांग है और इसे लेकर वे लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसी मांग को लेकर किसान एक बार फिर प्राधिकरण कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी में थे। उनका उद्देश्य प्राधिकरण के सामने अपनी मांग को उठाना था। हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किसानों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें बसों में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया।
धारा 163 लागू होने का हवाला देकर पुलिस ने रोका
जिले में धारा 163 लागू होने के चलते पुलिस ने किसानों को प्राधिकरण की ओर बढ़ने से रोक दिया। प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कही गई है। दूसरी ओर, किसानों का कहना है कि उन्होंने पहले ही धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया था। फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई के बाद किसान अपनी मांग को लेकर प्राधिकरण कार्यालय तक नहीं पहुंच सके। किसानों की 4 प्रतिशत अतिरिक्त भूखंड की मांग और हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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