नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सोसायटियों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था की जांच, कैमरे-अलार्म खराब, 26 सोसायटियों को नोटिस जारी
- Shiv Kumar
- 27 Oct, 2026
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की 26 सोसायटियों, मॉल और अन्य परिसरों में लिफ्ट के सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है। विद्युत सुरक्षा विभाग ने जांच के बाद संबंधित परिसरों को नोटिस जारी किए हैं। जांच में कहीं लिफ्ट ऑपरेटर और गार्ड नहीं मिले, तो कहीं कैमरे, इंटरकॉम और अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहे थे। कुछ जगह मोटर और रोप के रखरखाव में भी कमियां मिलीं। सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा विभाग रमेश कुमार के मुताबिक, शिकायतों के आधार पर सोसायटियों और अन्य परिसरों की जांच कराई गई थी। जांच में सभी जगह किसी न किसी तरह की खामी सामने आई। विभाग ने इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्राधिकरण और प्रशासन को भेज दी है। संबंधित परिसरों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के निष्कर्षों ने ऊंची इमारतों में लिफ्ट के संचालन और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
बिजली जाने पर लिफ्ट में फंस सकते हैं लोग
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट के बीच में फंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में बिजली आपूर्ति बाधित होना इसकी वजह बताया जाता है। विद्युत सुरक्षा विभाग के मुताबिक, बिजली जाने की स्थिति में लिफ्ट को नजदीकी फ्लोर तक लाने के लिए ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस यानी एआरडी होनी चाहिए। इससे लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मिलती है। जांच के दौरान कई परिसरों में लिफ्ट के लिए अलग बिजली बैकअप नहीं मिला। कुछ जगह बिजली जाने पर जनरेटर को हाथ से चालू करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में लिफ्ट दोबारा शुरू होने में देरी हो सकती है। आपातकालीन व्यवस्था में कमी होने पर लिफ्ट में फंसे लोगों को बाहर निकालने में परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए बिजली बैकअप और रेस्क्यू सिस्टम का ठीक से काम करना जरूरी है।
मोटर, रोप, कैमरे और अलार्म सिस्टम में भी मिली कमियां
जांच में कुछ परिसरों में लिफ्ट की मोटर और रोप का नियमित रखरखाव नहीं होने की बात सामने आई। उपकरणों की समय पर देखभाल न होने से उनमें घिसावट और खराबी का खतरा बढ़ सकता है। कुछ सोसायटियों में कॉमन एरिया और लिफ्टों के लिए एक ही डीजी सेट लगा मिला। इसके अलावा कई जगह लिफ्ट के अंदर कैमरे, इंटरकॉम और अलार्म बटन की व्यवस्था में भी कमी पाई गई। आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं मिले। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य लिफ्ट में किसी व्यक्ति के फंसने या तकनीकी खराबी आने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। विभाग ने जांच में मिली कमियों को लेकर संबंधित परिसरों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट प्राधिकरण और प्रशासन को भी भेजी गई है।
एम्स ग्रीन एवेन्यू में 20 में से सिर्फ 6 लिफ्ट चालू मिलीं
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के 10 टावरों में कुल 20 लिफ्ट लगी हैं। जांच के दौरान इनमें से केवल छह लिफ्ट ही चालू मिलीं। इसके अलावा बेसमेंट में पानी भरा होने से भी लिफ्टों के संचालन पर असर पड़ने की बात सामने आई। कुछ जगह मोटर और रोप पर पर्याप्त तेल नहीं मिला। विद्युत सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आई इन कमियों के बाद सोसायटी समेत अन्य परिसरों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस पाने वाले परिसरों में शिवालिक होम्स, महागुन मायवुड्स, एम्स ग्रीन एवेन्यू, मिगसन अल्टिमो, एमएसएक्स मॉल, वृंदा सिटी, पार्श्वनाथ विभव प्लाजा, अरिहंत अंबर और एलिगेंट एपेक्स फ्लोरा के नाम शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी में नोटिस पाने वाले सभी 26 परिसरों के नाम नहीं दिए गए हैं। विभाग ने संबंधित परिसरों को खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं।
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