सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, केंद्र और दिल्ली सरकार से मांगा जवाब
'भूख हड़ताल पर सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत! दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र से पूछा- आखिर कब होगी कार्रवाई?'
- Babli Ansari
- 15 Jul, 2026
सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका में कहा गया है कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति चिंताजनक हो गई है और उन्हें तत्काल बेहतर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है। अदालत ने सरकारों से पूछा है कि उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और मेडिकल निगरानी के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। इस मामले ने एक बार फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सरकार की जिम्मेदारी पर बहस तेज कर दी है।
भूख हड़ताल के बीच तेजी से बिगड़ी सेहत, मेडिकल सहायता की मांग
याचिका में दावा किया गया है कि सोनम वांगचुक कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिसके कारण उनका वजन तेजी से घटा है और शरीर में कमजोरी बढ़ गई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि उन्हें तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए या विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाए ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसी भी नागरिक के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसी कारण अदालत ने दोनों सरकारों से विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि अब तक क्या मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई गई है।
सरकारों से विस्तृत जवाब मांगा, अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब दाखिल करें। अदालत यह जानना चाहती है कि प्रदर्शन स्थल पर स्वास्थ्य सुविधाओं, मेडिकल जांच और आपातकालीन उपचार की क्या व्यवस्था की गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, नागरिक अधिकारों और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। यदि अदालत को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो वह आगे आवश्यक निर्देश भी जारी कर सकती है। इसलिए अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां सरकारों का पक्ष सामने आएगा।
देशभर में बढ़ी चिंता, स्वास्थ्य को लेकर लगातार उठ रही आवाज
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी चिंता जताई है। कई लोगों ने उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है, जबकि समर्थक उनकी मांगों पर सरकार से सकारात्मक संवाद शुरू करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, डॉक्टरों की रिपोर्ट में लंबे उपवास के कारण स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। हाई कोर्ट में दायर याचिका का उद्देश्य भी यही है कि समय रहते चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। अब यह मामला न्यायिक निगरानी में आ चुका है और आने वाले दिनों में अदालत के निर्देश इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकते हैं।
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