योगी सरकार की बड़ी सौगात! 17 जुलाई से दौड़ेगी संत रविदास एक्सप्रेस, UP से पंजाब का सफर होगा आसान
योगी सरकार की बड़ी रेल सौगात! 17 जुलाई से दौड़ेगी संत रविदास एक्सप्रेस, वाराणसी से अमृतसर तक मिलेगा सीधा सफर
- Babli Ansari
- 15 Jul, 2026
उत्तर प्रदेश और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों के बाद 17 जुलाई से नई संत रविदास एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने जा रहा है। इस ट्रेन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर से वर्चुअल माध्यम के जरिए करेंगे। नई ट्रेन वाराणसी से लखनऊ होते हुए पंजाब के छेहरटा (अमृतसर) तक चलेगी और सप्ताह में तीन दिन यात्रियों को सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन के शुरू होने से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। खासकर धार्मिक यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
सप्ताह में तीन दिन चलेगी नई एक्सप्रेस ट्रेन
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन संख्या 14623 संत रविदास एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार, गुरुवार और शनिवार को वाराणसी कैंट से शाम 7:05 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन देर रात लखनऊ पहुंचेगी और अगले दिन शाम 5:10 बजे छेहरटा (अमृतसर) पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 14624 प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और रविवार को छेहरटा से दोपहर 2:05 बजे रवाना होगी। अगले दिन सुबह 7:30 बजे लखनऊ पहुंचने के बाद यह दोपहर 12:15 बजे वाराणसी पहुंचेगी। रेलवे का कहना है कि इस नई सेवा से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक सीधा और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
संत रविदास एक्सप्रेस का ठहराव उत्तर भारत के कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर होगा। इनमें वाराणसी, जौनपुर सिटी, सुल्तानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर, अंबाला कैंट, लुधियाना, जालंधर सिटी, अमृतसर और छेहरटा जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इस रूट से यात्रा करने वाले यात्रियों को अब बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय की बचत होगी और सफर पहले से अधिक आरामदायक बनेगा।
रेलवे बोर्ड का आदेश, यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा
रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन के संचालन के लिए आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। बोर्ड ने संबंधित रेलवे जोनों को समयबद्ध तरीके से संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इस नई रेल सेवा से पूर्वांचल और पंजाब के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में श्रमिक, व्यापारी, विद्यार्थी और श्रद्धालु इस रूट पर यात्रा करते हैं, जिन्हें अब बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि संत रविदास एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश और पंजाब के बीच सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी। साथ ही यह ट्रेन वाराणसी और अमृतसर जैसे दो महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को सीधे जोड़ने का काम करेगी।
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