गडकरी पर झूठ पड़ा भारी! मनीष कश्यप समेत 4 बड़े YouTubers पर FIR, E20 Fuel विवाद में बड़ा एक्शन
E20 Fuel विवाद में बड़ा धमाका! Manish Kashyap और 3 YouTubers के खिलाफ केस
- Babli Ansari
- 15 Jul, 2026
नागपुर साइबर पुलिस के अनुसार, बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप के अलावा Desi BoysNCR, हर्षित राठी और अंकलेश इनवाटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने बिना किसी प्रमाणित तकनीकी रिपोर्ट या सरकारी दस्तावेज के E20 फ्यूल को लेकर ऐसे दावे किए, जो तथ्यों पर आधारित नहीं थे। साथ ही वीडियो में नितिन गडकरी का नाम जोड़कर उन्हें विवादों में घसीटने की कोशिश की गई।
क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ समय से देश में E20 फ्यूल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि E20 फ्यूल से वाहनों के इंजन को भारी नुकसान हो रहा है और इसके पीछे सरकार की गलत नीति जिम्मेदार है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कई वीडियो में तकनीकी तथ्यों की पुष्टि किए बिना सनसनीखेज दावे किए गए। आरोप है कि इन वीडियो में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नाम लेकर लोगों को गुमराह किया गया और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
साइबर पुलिस ने क्या कहा?
नागपुर साइबर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी व्यक्ति, विशेषकर सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के खिलाफ बिना सबूत झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना कानून का उल्लंघन हो सकता है। इसी आधार पर चारों यूट्यूबर्स के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि संबंधित वीडियो किन स्रोतों के आधार पर बनाए गए थे, उनमें प्रस्तुत जानकारी का आधार क्या था और क्या जानबूझकर गलत सूचना फैलाने की कोशिश की गई थी। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य, वीडियो कंटेंट और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।
E20 फ्यूल क्या है और विवाद क्यों?
E20 फ्यूल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का दावा है कि इससे पेट्रोलियम आयात कम होगा, प्रदूषण घटेगा और गन्ना किसानों को लाभ मिलेगा। हालांकि, कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसके खिलाफ कई दावे वायरल हुए, जिनमें इंजन खराब होने और माइलेज घटने जैसी बातें कही गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि E20 फ्यूल का उपयोग केवल उन वाहनों में किया जाना चाहिए जो इसके अनुकूल हों और इस संबंध में वाहन निर्माता कंपनियों की सलाह का पालन करना जरूरी है।
अब आगे क्या होगा?
एफआईआर दर्ज होने के बाद चारों यूट्यूबर्स से पूछताछ की जा सकती है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने वालों के लिए भी एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि किसी भी विषय पर जानकारी साझा करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
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