सोनम वांगचुक का अनशन, राहुल गांधी गायब! विपक्ष में क्यों उठ रहे सवाल?
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर राहुल गांधी की दूरी क्यों? कांग्रेस ने दी सफाई, सियासत हुई तेज
- Babli Ansari
- 16 Jul, 2026
सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गई है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अब तक उनसे मुलाकात नहीं करने को लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पूछा कि जब कांग्रेस लगातार लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरती रही है, तो राहुल गांधी ने वांगचुक से दूरी क्यों बनाए रखी। इन सवालों के बीच कांग्रेस ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी इस आंदोलन के साथ खड़ी है और इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
राहुल गांधी की गैरमौजूदगी पर क्या बोली कांग्रेस?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी आंदोलन के समर्थन का मतलब केवल मौके पर पहुंचना नहीं होता। पार्टी का दावा है कि उसने संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक लद्दाख के मुद्दों को लगातार उठाया है। कांग्रेस के मुताबिक, पार्टी का पूरा समर्थन लद्दाख के लोगों और उनकी मांगों के साथ है। नेताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति को आंदोलन से दूरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक की क्या हैं प्रमुख मांगें?
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत संरक्षण देने, स्थानीय लोगों के अधिकारों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसरों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लद्दाख की सांस्कृतिक पहचान, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय हितों की रक्षा के लिए संवैधानिक सुरक्षा जरूरी है। इन्हीं मांगों को लेकर उन्होंने भूख हड़ताल शुरू की, जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी बहस
सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष केंद्र सरकार पर लद्दाख के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि सरकार क्षेत्र के विकास और लोगों के हित में लगातार काम कर रही है। इसी बीच राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि आंदोलन का समर्थन किसी एक नेता की मौजूदगी से नहीं, बल्कि पार्टी के रुख से तय होता है।
आगे क्या होगा?
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और उससे जुड़े मुद्दे आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बने रह सकते हैं। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दल इस मामले पर आगे क्या रुख अपनाते हैं। वहीं कांग्रेस ने दोहराया है कि वह लद्दाख के लोगों की मांगों के समर्थन में अपनी आवाज उठाती रहेगी।
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