IPL 2026 में धोनी CSK के लिए खेलेंगे कुछ मैच, सभी मैच खेलने का फैसला टूर्नामेंट के समय होगा तय, रिपोर्ट में किया गया दावा

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महेंद्र सिंह धोनी आगामी सत्र में चेन्नई के लिए खेलते नजर आएंगे। प्रबंधन ने उनकी उपलब्धता की पुष्टि की है, हालांकि कार्यभार को देखते हुए कुछ मुकाबलों में विश्राम संभव है। संजू सैमसन के जुड़ने से टीम को अतिरिक्त विकल्प मिला है।

महेंद्र सिंह धोनी आगामी सत्र में एक बार फिर पीली जर्सी में नजर आएंगे। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 को लेकर प्रशंसकों के बीच उत्साह बढ़ गया है, क्योंकि चेन्नई प्रबंधन ने उनकी उपलब्धता की पुष्टि कर दी है। जुलाई में 45 वर्ष के होने जा रहे धोनी के लिए यह सत्र अनुभव और संतुलन का मेल माना जा रहा है। हालांकि कार्यभार को देखते हुए वे कुछ मुकाबलों में विश्राम ले सकते हैं, लेकिन टीम चाहती है कि उनकी मौजूदगी मैदान और ड्रेसिंग कक्ष दोनों जगह बनी रहे। सूत्रों के अनुसार धोनी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सत्र के लिए तैयार हैं। अब यह तय किया जाएगा कि वे हर मुकाबला खेलेंगे या चयनित मुकाबलों में उतरेंगे।


संजू सैमसन से मजबूत हुआ विकल्प

चेन्नई सुपर किंग्स के दल में इस बार संजू सैमसन की एंट्री ने संतुलन बढ़ा दिया है। सैमसन के आने से विकेटकीपिंग को लेकर टीम के पास भरोसेमंद विकल्प मौजूद है। योजना यह है कि जिन मुकाबलों में धोनी को आराम दिया जाएगा, वहां सैमसन जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। धोनी पिछले कुछ समय से घुटने और पीठ की परेशानी से जूझते रहे हैं, ऐसे में हर मुकाबले में विकेटकीपिंग करना उनके लिए कठिन हो सकता है। दल में उर्विल पटेल और कार्तिक शर्मा भी शामिल हैं, जिन्हें भविष्य की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। कार्तिक को बड़ी राशि में जोड़ा गया है और उन्हें अंतिम ओवरों में उपयोगी बल्लेबाज के रूप में तैयार किया जा रहा है।


घरेलू मैदान पर दिखेगा पुराना जादू

चेन्नई के एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम से धोनी का गहरा भावनात्मक रिश्ता रहा है। उम्मीद है कि वे यहां होने वाले सभी घरेलू मुकाबलों में जरूर उतरेंगे। पिछले सत्र की तरह इस बार भी वे प्रभाव खिलाड़ी नियम के तहत निचले क्रम में आकर मुकाबला समाप्त करने की भूमिका निभा सकते हैं। मैदान पर उनके कदम रखते ही पूरा वातावरण उनके नाम के नारों से गूंज उठता है। टीम प्रबंधन चाहता है कि उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए मार्गदर्शक बने। धोनी ने 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और 2007 में भारत को बीस ओवर विश्व कप दिलाया। 2011 में एकदिवसीय विश्व कप भी उनकी कप्तानी में आया। इस लीग में वे सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी हैं। अब तक 278 मुकाबलों में 5439 रन, 24 अर्धशतक, 47 स्टंपिंग और 158 कैच उनके नाम हैं। वे 100 मुकाबले जीतने वाले इकलौते कप्तान भी हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर रोहित शर्मा हैं।

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