व्हाट्सऐप पर APK भेजकर खाते से उड़ाए 3.97 लाख, जांच में 150-200 फर्जी फ्यूल कार्ड का खुलासा

top-news
दिल्ली पुलिस ने जामताड़ा-मेवात से जुड़े कथित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्ध फ्यूल कार्ड की पहचान की है। करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन, फर्जी दस्तावेज, सिम कार्ड और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जांच जारी है।

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर पुलिस ने जामताड़ा-मेवात से जुड़े कथित अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नासिर हुसैन, सोकीन और आशीष आर्य के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह साइबर ठगी से हासिल रकम को कथित तौर पर फर्जी तरीके से बनवाए गए HPCL फ्यूल कार्ड के जरिए खपाने और निकालने का काम करता था। जांच में 100 से ज्यादा संदिग्ध फ्यूल कार्ड की पहचान की गई है और करीब 150 से 200 फर्जी फ्यूल कार्ड तैयार किए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है। इन कार्डों से जुड़े करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच की जा रही है।


व्हाट्सऐप पर APK भेजकर खाते से निकाले 3.97 लाख रुपये

मामला 7 मई 2026 का है। शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार गुप्ता को व्हाट्सऐप पर कूरियर का पता अपडेट करने के नाम पर एक APK फाइल भेजी गई थी। फाइल खोलने के बाद उनसे महज 2 रुपये का भुगतान करने के लिए HDFC नेट बैंकिंग की जानकारी दर्ज कराई गई। इसके बाद उनके बैंक खाते से दो बार में कुल 3,97,018 रुपये निकाल लिए गए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठगी की रकम में से करीब 3.97 लाख रुपये HPCL Drive Track Plus फ्यूल कार्ड में रिचार्ज किए गए थे। जांच आगे बढ़ने पर इस ग्राहक आईडी से जुड़े कई फ्यूल कार्ड और ट्रकों की जानकारी भी सामने आई।


ट्रक मालिकों के दस्तावेज लेकर बनाते थे फर्जी फ्यूल कार्ड

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ट्रक मालिकों से ब्लैकबक प्लेटफॉर्म के जरिए बुकिंग कराने के बहाने उनके वाहनों के दस्तावेज, आधार और पैन की जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद कथित तौर पर फोटो और पते में बदलाव कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों और फर्जी सिम कार्ड की मदद से फ्यूल कार्ड बनवाए जाते थे। जांच में पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्ध फ्यूल कार्ड की पहचान की है। पूछताछ में करीब 150 से 200 फर्जी फ्यूल कार्ड तैयार किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन कार्डों के जरिए हुए करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।


वीडियो KYC से सोकीन तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान फ्यूल कार्ड के वीडियो KYC से पुलिस को सोकीन तक पहुंचने में मदद मिली। कई दिनों की तकनीकी और मैनुअल निगरानी के बाद पुलिस ने 28 सितंबर को राजस्थान के खैरथल-तिजारा इलाके से नासिर हुसैन और सोकीन को गिरफ्तार किया। इसके बाद फ्यूल कार्ड बनवाने में कथित भूमिका सामने आने पर पूर्व रिटेल बिजनेस एग्जीक्यूटिव आशीष आर्य को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनमें सात सिम कार्ड जब्त मोबाइल फोन में मिले, जबकि पांच अतिरिक्त सिम कार्ड सोकीन से बरामद किए गए।


नासिर को मुख्य आरोपी मानकर आगे की जांच

पुलिस के मुताबिक, नासिर हुसैन को इस नेटवर्क का कथित मुख्य आरोपी माना जा रहा है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में पहले से भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है। इसके साथ ही अन्य फ्यूल कार्ड, APK उपलब्ध कराने वाले लोगों और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य कनेक्शन को भी पुलिस खंगाल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *