शराब से भी ज्यादा नुकसानदायक हैं ये तीन चीजें, डॉक्टर ने बताया स्लो पॉइजन, घर लाने से पहले जान लें इन्हें

top-news
रोजमर्रा की जिंदगी में खाई जाने वाली टमाटर सॉस, कोल्ड ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड दही जैसी चीजें सेहत के लिए धीमा जहर बन सकती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इनमें मौजूद छिपी हुई चीनी डायबिटीज, हार्ट और लिवर की बीमारियों का खतरा बढ़ाती है।

आजकल खाने-पीने की चीजों में मिलावट और जरूरत से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। लोग शराब और सिगरेट को तो खुलकर नुकसानदेह मानते हैं, लेकिन रोजमर्रा की थाली में शामिल कुछ आम चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारियों की वजह बनती है। डॉक्टरों का कहना है कि सफेद दिखने वाली कई चीजें शरीर के लिए “धीमा जहर” साबित हो रही हैं। खासकर चीनी का अत्यधिक सेवन इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाता है और शरीर के कई अंगों पर बुरा असर डालता है। अनजाने में हम ऐसी चीजें खा रहे हैं जिनमें छिपी हुई शुगर और केमिकल्स हमारी सेहत को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन हमें इसका एहसास तक नहीं होता।


चीनी बन रही है बीमारियों की जड़

Sharda Hospital के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी के मुताबिक चीनी सेहत के लिए किसी जहर से कम नहीं है। उनका कहना है कि ज्यादा चीनी खाने से शरीर में इंसुलिन का स्तर गड़बड़ा जाता है, जिससे इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ता है। यही स्थिति आगे चलकर डायबिटीज, फैटी लिवर और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। कई लोग सोचते हैं कि वे सीधे चीनी नहीं खाते, लेकिन बिस्किट, ब्रेड, मिठाइयों, सॉस और पैकेटबंद ड्रिंक्स के जरिए शरीर में जरूरत से ज्यादा शुगर पहुंच जाती है। यही छिपी हुई चीनी सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है।


टमाटर सॉस और कोल्ड ड्रिंक्स का सच

ज्यादातर घरों में पकौड़े, समोसे या पराठों के साथ टमाटर सॉस खाना आम बात है। लेकिन एक चम्मच सॉस में लगभग एक चम्मच के बराबर शुगर मौजूद होती है। बच्चों को हर चीज के साथ सॉस देना धीरे-धीरे उनकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। वहीं गर्मियों में कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा का सेवन भी तेजी से बढ़ जाता है। लोग शुगर फ्री या डाइट ड्रिंक को सुरक्षित मान लेते हैं, जबकि इनमें भी कृत्रिम मिठास और केमिकल्स होते हैं जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार में मिलने वाले पैकेटबंद जूस भी फ्रक्टोज से भरपूर होते हैं, जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं और मोटापा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।


फ्लेवर्ड दही भी नहीं है सुरक्षित विकल्प

घर पर जमा सादा दही सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बाजार में मिलने वाला मीठा दही और फ्लेवर्ड योगर्ट उतना हेल्दी नहीं होता जितना विज्ञापनों में दिखाया जाता है। इन उत्पादों में स्वाद बढ़ाने के लिए अतिरिक्त शुगर और फ्लेवर मिलाए जाते हैं। लोग इसे हेल्दी स्नैक समझकर रोजाना खाते हैं, जबकि असल में वे सिर्फ अतिरिक्त शुगर का सेवन कर रहे होते हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि प्रोसेस्ड और पैकेटबंद चीजों की जगह प्राकृतिक और घर में बनी चीजों को प्राथमिकता दी जाए। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *