एक फूंक में दीप बुझाना देखने में भले ही आसान लगे, लेकिन यह फेफड़ों की ताकत का छोटा-सा संकेत भी माना जाता है। इसके लिए शरीर को गहरी सांस लेकर फेफड़ों में हवा भरनी पड़ती है और फिर तेजी से बाहर छोड़ना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में छाती, पेट और डायफ्राम की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। डॉक्टरों के अनुसार सांसों की ताकत सीधे दिल की सेहत से भी जुड़ी होती है। अगर फेफड़े मजबूत होंगे तो शरीर को बेहतर ऑक्सीजन मिलेगी और दिल पर दबाव कम पड़ेगा। लेकिन जब फेफड़े कमजोर होने लगते हैं तो सांस फूलना, जल्दी थकान होना और दिल की धड़कन तेज होना जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। यही वजह है कि अब डॉक्टर केवल दिल ही नहीं बल्कि पूरे लाइफस्टाइल को सुधारने पर जोर दे रहे हैं।
राष्ट्रीय रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की हालिया रिपोर्ट ने देश की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक 14 साल तक के बच्चों में सांस से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। वहीं दिल से जुड़ी बीमारियों के आंकड़े सबसे ज्यादा डराने वाले हैं। पिछले सात साल में देश में हार्ट मरीजों की संख्या करीब तीन गुना तक बढ़ चुकी है। कुल बीमारियों में हार्ट डिजीज की हिस्सेदारी लगभग 26 प्रतिशत पहुंच गई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि अब 15 से 29 साल के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि शहरी इलाकों में यह खतरा ज्यादा दिखाई दे रहा है, लेकिन गांवों में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं। महिलाओं को भी अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
खराब दिनचर्या बना रही बीमारियों की जड़
रिपोर्ट के अनुसार आज बड़ी संख्या में लोग एक साथ कई लाइफस्टाइल बीमारियों से जूझ रहे हैं। हार्ट की समस्या के साथ शुगर, उच्च रक्तचाप, मेटाबॉलिक और एंडोक्राइन से जुड़ी परेशानियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समस्याओं के पीछे बढ़ता कोलेस्ट्रॉल एक बड़ी वजह बन चुका है। लंबे समय तक बैठे रहना, तला-भुना खाना, देर रात तक जागना और लगातार तनाव लेना शरीर में खराब चर्बी बढ़ाता है। यही चर्बी धीरे-धीरे धमनियों में जमकर ब्लॉकेज पैदा करती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर लोग समय रहते खानपान, नींद और व्यायाम पर ध्यान दें तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
इन आदतों से दिल को रखें मजबूत
विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना कम से कम 15 मिनट सूक्ष्म व्यायाम करना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। सुबह लौकी का जूस पीना, तले-भुने खाने से दूरी बनाना और धूम्रपान से पूरी तरह बचना दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। अर्जुन की छाल का काढ़ा भी दिल की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा लौकी का सूप, सब्जी और जूस शरीर को हल्का और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। अलसी, लहसुन, दालचीनी और हल्दी जैसे खाद्य पदार्थ भी दिल के लिए फायदेमंद बताए जाते हैं।