डायबिटीज में ओट्स या दलिया? जानिए नाश्ते में क्या खाना रहेगा ज्यादा फायदेमंद

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डायबिटीज मरीजों के लिए सही नाश्ता बेहद जरूरी माना जाता है। ओट्स और दलिया दोनों हेल्दी विकल्प हैं, लेकिन इनके फायदे अलग-अलग हैं। जानिए ब्लड शुगर कंट्रोल करने में कौन ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

आज के समय में डायबिटीज सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चे और युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी में सबसे जरूरी होता है ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना। अगर खान-पान पर ध्यान न दिया जाए तो शुगर तेजी से बढ़ सकती है और कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में डायबिटीज मरीजों के बीच अक्सर यह सवाल रहता है कि सुबह के नाश्ते में ओट्स खाना बेहतर है या दलिया। दोनों ही हेल्दी माने जाते हैं, लेकिन इनके फायदे अलग-अलग हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही विकल्प चुनने से ब्लड शुगर को लंबे समय तक कंट्रोल में रखने में मदद मिल सकती है।


ग्लाइसेमिक इंडेक्स से समझिए कौन बेहतर

डायबिटीज मरीजों को ऐसी चीजें खाने की सलाह दी जाती है जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो। दलिया का ग्लाइसेमिक इंडेक्स करीब 51 से 55 के बीच माना जाता है, इसलिए यह धीरे-धीरे पचता है और अचानक ब्लड शुगर नहीं बढ़ने देता। वहीं ओट्स में भी फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा ओट्स खा रहे हैं। स्टील-कट और रोल्ड ओट्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जबकि इंस्टेंट और फ्लेवर्ड ओट्स का जीआई ज्यादा हो सकता है। यही वजह है कि डायबिटीज मरीजों को पैकेट वाले मसाला या मीठे ओट्स से बचने की सलाह दी जाती है।


ओट्स और दलिया दोनों के अपने फायदे

ओट्स में बीटा-ग्लुकन नाम का खास सॉल्युबल फाइबर पाया जाता है, जो इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अलावा यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी फायदेमंद माना जाता है। दूसरी तरफ दलिया में इनसॉल्युबल फाइबर ज्यादा होता है, जो पेट साफ रखने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है। दलिया एक नेचुरल और कम प्रोसेस्ड विकल्प माना जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए तो दोनों ही डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं।


डायबिटीज मरीज कैसे करें सही चुनाव

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो नाश्ते में स्टील-कट ओट्स, रोल्ड ओट्स या सादा दलिया शामिल कर सकते हैं। इनमें सब्जियां, बीज या ड्राई फ्रूट्स मिलाने से पोषण और बढ़ जाता है। वहीं चीनी, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फ्लेवर वाले फूड्स से दूरी बनाना जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी नई डाइट को शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति की बॉडी और शुगर लेवल अलग होता है। सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज के जरिए डायबिटीज को काफी हद तक कंट्रोल में रखा जा सकता है।

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