फाइबर क्यों है सेहत के लिए जरूरी? जानिए रोज की थाली में कितनी मात्रा होनी चाहिए शामिल

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फाइबर-मैक्सिंग ट्रेंड के चलते लोग अपनी डाइट में फाइबर बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार रोजाना 30 से 40 ग्राम फाइबर जरूरी है। देसी थाली में मौजूद चना, बाजरा और दालें पाचन, दिल और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं।

कभी भारतीय थाली में चना, जौ, बाजरा, दालें और मोटे अनाज जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ भरपूर मात्रा में शामिल होते थे, जिससे शरीर को प्राकृतिक रूप से पर्याप्त पोषण मिल जाता था। लेकिन बदलती लाइफस्टाइल में मैदा, चीनी, पैकेट वाले स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड की बढ़ती खपत ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। इसी वजह से पेट फूलना, कब्ज, सुस्ती और मेटाबॉलिक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर ‘फाइबर-मैक्सिंग’ ट्रेंड तेजी से चर्चा में है, जिसमें लोग अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना 30 से 40 ग्राम फाइबर जरूरी है, जबकि ज्यादातर लोग केवल 15 ग्राम तक ही ले पा रहे हैं।


फाइबर के दो प्रकार और शरीर पर उनका असर
फाइबर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है—घुलनशील और अघुलनशील। घुलनशील फाइबर पानी में घुलकर जेल जैसा बनता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक माना जाता है। वहीं अघुलनशील फाइबर आंतों की सफाई करता है और कब्ज से राहत दिलाता है। साबुत अनाज, गेहूं का चोकर, हरी पत्तेदार सब्जियां और छिलके वाले फल इसके प्रमुख स्रोत हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फाइबर दिल की सेहत और पाचन तंत्र दोनों के लिए बेहद जरूरी है।


शरीर के लिए फाइबर की भूमिका और सावधानियां
फाइबर सिर्फ पाचन ही नहीं बल्कि पूरे शरीर के लिए जरूरी माना जाता है। यह आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है, जिसे गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। यह माइक्रोबायोम दिमाग, मूड, तनाव और इम्युनिटी पर भी असर डालता है। फाइबर वजन नियंत्रित रखने में भी मदद करता है क्योंकि यह लंबे समय तक पेट भरा रखता है। हालांकि अचानक ज्यादा फाइबर लेने से गैस, पेट फूलना और मरोड़ जैसी समस्या हो सकती है, इसलिए इसे धीरे-धीरे डाइट में शामिल करना चाहिए।


देसी सुपरफूड्स से पूरा हो सकता है फाइबर का संतुलन
विशेषज्ञों के अनुसार चना, राजमा, लोबिया, बाजरा, अमरूद, नाशपाती, कटहल और सहजन जैसे देसी सुपरफूड्स फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। मैदे की जगह चोकर वाली रोटी, छिलके वाली दालें और सलाद को रोज की डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है। खाने से पहले सलाद लेना और पर्याप्त पानी पीना फाइबर के असर को और बेहतर बनाता है।

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