क्या आपको दिन में बार-बार आती है नींद? दोपहर की झपकी इन गंभीर बीमारियों का दे सकती है संकेत

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दोपहर में थोड़ी देर की झपकी शरीर को तरोताजा कर सकती है, लेकिन रोजाना ज्यादा नींद आना स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। जानिए कब नैप फायदेमंद है और कब डॉक्टर से सलाह जरूरी है।

अक्सर दोपहर के खाने के बाद शरीर में आलस और नींद महसूस होना एक सामान्य प्रक्रिया है। कई लोगों का मन कुछ देर आराम करने या झपकी लेने का करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में थोड़ी देर की नैप शरीर को तरोताजा करने, ध्यान केंद्रित करने और काम करने की क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है। खासकर अगर रात में नींद पूरी नहीं हुई हो या दिन की शुरुआत तनावपूर्ण रही हो, तो छोटी झपकी राहत दे सकती है। हालांकि, अगर हर दिन लंबे समय तक सोने की जरूरत महसूस हो या पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान बनी रहे तो यह शरीर में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में नींद के पैटर्न को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।


10 से 30 मिनट की झपकी मानी जाती है फायदेमंद

मेदांता नोएडा के श्वसन एवं नींद चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, 10 से 30 मिनट की छोटी झपकी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए मददगार होती है, जिनकी रात की नींद पूरी नहीं हुई हो या जिन्हें लंबे समय तक मानसिक काम करना पड़ता हो। छोटी नैप लेने से दिमाग को आराम मिलता है और व्यक्ति अधिक अलर्ट महसूस करता है। हालांकि, झपकी की अवधि बहुत ज्यादा बढ़ने पर इसका असर उल्टा भी हो सकता है। लंबे समय तक दिन में सोना रात की नींद को प्रभावित कर सकता है और शरीर की प्राकृतिक नींद की प्रक्रिया में बदलाव ला सकता है।


बार-बार दिन में नींद आना हो सकता है समस्या का संकेत

अगर किसी व्यक्ति को रोजाना लंबी झपकी लेने की जरूरत पड़ती है या पर्याप्त रात की नींद के बावजूद दिनभर थकान और नींद महसूस होती है तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक दिन में नींद आना कई बार शरीर में चल रही किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। डॉ. सिरकार बताते हैं कि कुछ अध्ययनों में वृद्ध लोगों में बार-बार और लंबे समय तक दिन में सोने को खराब स्वास्थ्य से जोड़ा गया है। हालांकि, केवल झपकी लेना बीमारी नहीं है, लेकिन इसके पीछे छिपे कारणों को समझना जरूरी है।


स्लीप एपनिया और अनिद्रा जैसी समस्याएं बढ़ा सकती हैं दिन की नींद

दिन में ज्यादा नींद आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया में सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है, जिससे नींद बार-बार टूटती रहती है और व्यक्ति सुबह उठने के बाद भी थका हुआ महसूस करता है। वहीं, अनिद्रा की समस्या में रात को पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती, जिसके कारण दिन में बार-बार झपकी लेने का मन करता है। इसके अलावा रेस्टलेस लेग सिंड्रोम जैसी तंत्रिका संबंधी समस्या भी नींद की गुणवत्ता खराब कर सकती है। इसमें रात के समय पैरों में असहजता महसूस होती है और व्यक्ति ठीक से आराम नहीं कर पाता।


थकान के पीछे हो सकती हैं अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, दिन में अत्यधिक नींद आना हाइपोथायरायडिज्म, डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियों और कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हो सकता है। इसके अलावा लंबे समय तक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां भी लगातार थकान का कारण बन सकती हैं। अगर किसी व्यक्ति को लगातार कमजोरी, सुस्ती या जरूरत से ज्यादा नींद आने की समस्या महसूस हो रही है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है। सही कारण की पहचान कर समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है।

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