35 साल की उम्र के बाद पुरुषों को जरूर कराने चाहिए ये हेल्थ चेकअप्स, समय रहते गंभीर बीमारियों का चलेगा पता

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35 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों को लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, लिवर-किडनी, विटामिन B12, विटामिन D3, टेस्टोस्टेरोन और थायराइड जैसी जरूरी जांच समय-समय पर करानी चाहिए। इससे कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लग सकता है।

35 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों के शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव आने लगते हैं। इस दौरान काम का बढ़ता दबाव, अनियमित दिनचर्या, तनाव, पर्याप्त नींद की कमी और असंतुलित खानपान का असर सेहत पर दिखने लगता है। यही वजह है कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग जैसी समस्याएं बिना शुरुआती लक्षणों के भी विकसित हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित हेल्थ चेकअप के जरिए इन बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज आसान हो जाता है और भविष्य में गंभीर जोखिम कम किए जा सकते हैं।


लिपिड प्रोफाइल टेस्ट

लिपिड प्रोफाइल टेस्ट शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल), एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर की जांच करता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से धमनियों में रुकावट आ सकती है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 35 वर्ष के बाद साल में कम से कम एक बार यह जांच कराना फायदेमंद माना जाता है।


ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच

हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों ऐसी समस्याएं हैं, जिनके शुरुआती लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच और फास्टिंग ब्लड शुगर के साथ HbA1c टेस्ट करवाना जरूरी है। इससे प्री-डायबिटीज या डायबिटीज का समय रहते पता लगाया जा सकता है और इलाज शुरू किया जा सकता है।


लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट

यदि आप नियमित रूप से दवाएं लेते हैं, बाहर का भोजन अधिक खाते हैं या शराब का सेवन करते हैं, तो लिवर और किडनी की नियमित जांच कराना जरूरी है। LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) और KFT (किडनी फंक्शन टेस्ट) से इन अंगों की कार्यक्षमता का सही आकलन किया जा सकता है और किसी भी समस्या का शुरुआती चरण में पता चल सकता है।


विटामिन B12 और विटामिन D3 टेस्ट

आज की व्यस्त और इनडोर लाइफस्टाइल के कारण विटामिन D और विटामिन B12 की कमी तेजी से बढ़ रही है। इनकी कमी से थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, हड्डियों की कमजोरी और नसों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। साल में एक बार इन दोनों विटामिन की जांच करवाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना लाभदायक हो सकता है।


टेस्टोस्टेरोन और थायराइड की जांच

35 से 40 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे कम होने लगता है। यदि लगातार थकान, ऊर्जा की कमी, वजन बढ़ना, चिड़चिड़ापन या काम करने की क्षमता में कमी महसूस हो रही है, तो टेस्टोस्टेरोन और थायराइड (TSH) की जांच करानी चाहिए। इससे हार्मोन से जुड़ी समस्याओं का समय पर पता लगाया जा सकता है।


नियमित डॉक्टर से हेल्थ चेकअप भी है जरूरी

सिर्फ टेस्ट करवाना ही पर्याप्त नहीं है। हेल्थ रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर से सलाह लेना, नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना, पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित रखना भी उतना ही जरूरी है। सही समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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