वजन बढ़ने के पीछे छिपी हो सकती हैं ये 4 वजहें, खान-पान और नींद के साथ इन आदतों पर भी दें ध्यान

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वजन बढ़ने के पीछे सिर्फ ज्यादा खाना और कम व्यायाम ही जिम्मेदार नहीं होते। थायरॉयड की गड़बड़ी, लंबे समय का तनाव, कुछ दवाएं, PCOS और शरीर में पानी जमा होना भी कारण हो सकता है। लगातार या तेजी से वजन बढ़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

वजन बढ़ने को आमतौर पर ज्यादा खाना, कम व्यायाम और खराब नींद से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन हर बार इसके पीछे यही वजह हो, यह जरूरी नहीं है। शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, लंबे समय तक बना तनाव, कुछ दवाओं का असर, महिलाओं में PCOS और मांसपेशियों की कमी भी वजन को प्रभावित कर सकती है। कुछ स्थितियों में तेजी से बढ़ता वजन शरीर में पानी जमा होने का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर वजन लगातार बढ़ रहा है और खान-पान या दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, तो सिर्फ खाना कम करने या व्यायाम बढ़ाने पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं हो सकता। वजन बढ़ने के पीछे छिपे कारण को समझना जरूरी है। खासकर अगर इसके साथ थकान, सूजन, सांस फूलना, ज्यादा ठंड लगना या महिलाओं में मासिक धर्म से जुड़े बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।


थायरॉयड की गड़बड़ी से भी बढ़ सकता है वजन

थायरॉयड हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म यानी ऊर्जा के इस्तेमाल की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब शरीर में थायरॉयड हार्मोन का स्तर कम हो जाता है, तो कुछ लोगों में वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। इसके साथ लगातार थकान, सामान्य से ज्यादा ठंड लगना, कब्ज, त्वचा का रूखा होना और बालों में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि केवल वजन बढ़ना थायरॉयड की बीमारी का प्रमाण नहीं है। अगर वजन बढ़ने के साथ ऐसे कई लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकता है कि वजन बढ़ने में थायरॉयड की कोई भूमिका है या नहीं।


लंबे समय का तनाव भी डाल सकता है असर

लगातार तनाव शरीर के साथ-साथ खान-पान और दिनचर्या को भी प्रभावित कर सकता है। तनाव की स्थिति में कुछ लोगों को मीठा या ज्यादा कैलोरी वाला भोजन खाने की इच्छा बढ़ सकती है। इसके अलावा तनाव के कारण नींद खराब होने और शारीरिक गतिविधि कम होने से भी वजन बढ़ने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में वजन नियंत्रित करने के लिए केवल डाइट पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होता। अगर लंबे समय से तनाव, बेचैनी या खराब दिनचर्या बनी हुई है, तो उसे सुधारने की कोशिश करना भी जरूरी है। पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित खान-पान इसमें मदद कर सकते हैं।


कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट भी हो सकता है

कुछ दवाओं के इस्तेमाल के दौरान वजन बढ़ना संभावित दुष्प्रभाव हो सकता है। इनमें कुछ मानसिक स्वास्थ्य संबंधी दवाएं, स्टेरॉयड और कुछ अन्य दवाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि हर व्यक्ति पर दवाओं का असर एक जैसा नहीं होता। अगर किसी नई दवा को शुरू करने के बाद वजन तेजी से बढ़ने लगा है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करना चाहिए। वजन बढ़ने के डर से अपनी दवा खुद बंद करना उचित नहीं है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवा की मात्रा, विकल्प या वजन नियंत्रित करने की रणनीति में बदलाव कर सकते हैं।


महिलाओं में PCOS भी हो सकता है वजह

PCOS यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम महिलाओं में हार्मोन से जुड़ी एक आम स्थिति है। इसमें कुछ महिलाओं का वजन बढ़ सकता है और इसके साथ मासिक धर्म अनियमित होना, मुंहासे या चेहरे और शरीर पर अधिक बाल आने जैसी समस्याएं भी दिखाई दे सकती हैं। कुछ मामलों में इंसुलिन से जुड़े बदलाव भी देखे जाते हैं। हालांकि PCOS का असर हर महिला में अलग-अलग हो सकता है। अगर वजन बढ़ने के साथ पीरियड्स अनियमित हो रहे हैं या हार्मोन से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही जांच के बाद ही कारण और उचित उपचार की दिशा तय की जा सकती है।


तेजी से वजन बढ़े तो इसे नजरअंदाज न करें

अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के वजन लगातार या तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ अत्यधिक थकान, शरीर में सूजन, सांस फूलना, ज्यादा ठंड लगना या मासिक धर्म में बदलाव जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। कुछ मामलों में तेजी से बढ़ता वजन शरीर में पानी जमा होने से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए हर बढ़ते वजन को सिर्फ ज्यादा खाने या कम व्यायाम का परिणाम मानना सही नहीं है। वजन नियंत्रित करने की सही रणनीति बनाने के लिए पहले उसके संभावित कारण को समझना जरूरी है।

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