ईरान-इजराइल जंग जारी, इराक में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन अटैक, इजराइल की तेहरान पर एयस्ट्राइक, LPG और क्रूड ऑयल लेकर आज भारत पहुंचेंगे दो शिप
- Shiv Kumar
- 17 Mar, 2026
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन और रॉकेट से हमला किया गया है। खास बात यह रही कि हमले से करीब छह घंटे पहले ही दूतावास ने इराक में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की थी। इस हमले के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं। इसी बीच क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया जब इजराइल ने दावा किया कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की है। उत्तरी तेहरान में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
तेहरान में धमाकों से बढ़ी चिंता, क्षेत्र में अस्थिरता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान के उत्तरी इलाकों में एक के बाद एक धमाके हुए, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया। हालांकि इस एयरस्ट्राइक को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इजराइल के दावे ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। पहले से ही कई देशों के बीच तनाव चल रहा था, ऐसे में इस नई घटना ने हालात और जटिल बना दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है, खासकर ऊर्जा सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर।
भारत के लिए राहत, LPG और कच्चे तेल के जहाज पहुंचे
इन तनावपूर्ण हालात के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। ‘नंदा देवी’ जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंचने वाला है, जबकि ‘जग लाडकी’ जहाज लगभग 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा। इससे पहले ‘शिवालिक’ जहाज भी LPG लेकर मुंद्रा पहुंच चुका है, जिसमें करीब 46 हजार मीट्रिक टन गैस थी। ये आपूर्ति भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे घरेलू गैस और ईंधन की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और बाजार में स्थिरता बनी रहेगी।
होर्मुज स्ट्रेट पर भारत की नजर, वॉरशिप तैनात
मिडिल ईस्ट में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने रणनीतिक रूप से अहम कदम उठाया है। होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत तैनात किए गए हैं, जो तेल और गैस लेकर आने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। नौसेना के ये टास्क फोर्स जहाज किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए तैयार रहेंगे। भारत के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है, क्योंकि बड़ी मात्रा में ऊर्जा सप्लाई इसी रास्ते से आती है। ऐसे में सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं ताकि किसी भी तरह की बाधा से बचा जा सके।
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