ईरान का बड़ा पलटवार, कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला, खामेनेई की चेतावनी- हर मौत का हिसाब होगा

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ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच दोहा में वार्ता की तैयारी है, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता से कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है।

पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिका के आठ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि यह कार्रवाई हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में की गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। दूसरी ओर, अमेरिका की ओर से भी लगातार सख्त बयान सामने आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि इस संघर्ष का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर पड़ने लगा है।


ईरान की चेतावनी

ईरानी नेतृत्व ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ईरान पर हुए हर हमले और उससे हुए नुकसान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पड़ोसी देशों से अपील की कि वे अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान के लिए न होने दें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में फिर हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से ज्यादा कड़ा होगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान अपनी गतिविधियों से पीछे नहीं हटता तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई को और आगे बढ़ाने से नहीं हिचकेगा। दोनों देशों के तीखे बयानों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।


तेल की कीमतों में उछाल

ईरान-अमेरिका तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर अनिश्चितता बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है और मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में तकनीकी स्तर की वार्ता होगी। इस बैठक में मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही पर चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत सकारात्मक रही तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है, लेकिन किसी भी नए घटनाक्रम से हालात फिर बिगड़ सकते हैं।

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