ईरान 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड से खरीदेगा जरूरी सामान, अमेरिका पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप, डील पर रहेगी कड़ी निगरानी
- Shiv Kumar
- 02 Jul, 2026
कतर की राजधानी दोहा में हुई अप्रत्यक्ष तकनीकी वार्ता के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते (MoU) को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। ईरान ने बुधवार को कहा कि समझौते के तहत जारी होने वाली 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों का एक हिस्सा देश की आवश्यक जरूरतों का सामान खरीदने में खर्च किया जाएगा। हालांकि तेहरान ने अमेरिका पर समझौते की कुछ अहम शर्तों का पालन नहीं करने का आरोप भी लगाया है। दोनों देशों के बीच यह वार्ता सीधे नहीं हुई, बल्कि कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए अलग-अलग दौर में बातचीत हुई।
समझौते की निगरानी के लिए बनेगी विशेष समिति
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि कतर के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में तय हुआ कि फ्रीज फंड का इस्तेमाल केवल जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने विशेष रूप से लेबनान में संघर्ष रोकने जैसी अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं। वार्ता के दौरान यह भी सहमति बनी कि समझौते के पालन और उल्लंघन की निगरानी के लिए एक अलग समिति बनाई जाएगी। यह समिति दोनों पक्षों की शिकायतों की समीक्षा करेगी और किसी भी विवाद की आधिकारिक प्रक्रिया तय करेगी।
परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव भी रहे चर्चा का केंद्र
दोहा में हुई बातचीत के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री गतिविधियों, लेबनान की स्थिति और अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने की प्रक्रिया जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। वहीं इजराइल ने साफ कर दिया कि वह लेबनान, सीरिया और गाजा से अपनी सेना फिलहाल वापस नहीं बुलाएगा। दूसरी ओर ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के खिलाफ शिकायत दर्ज कर उसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने का जिम्मेदार बताया।
कच्चे तेल में नरमी, कई मुद्दों पर अब भी बनी हुई है दूरी
दोहा वार्ता के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड लगभग एक प्रतिशत टूटकर 70.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 67.75 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि वार्ता में सकारात्मक संकेत मिलने से बाजार में राहत का माहौल बना है। हालांकि फ्रीज फंड जारी करने, तेल निर्यात में राहत, होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय संघर्ष जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम सहमति अभी भी नहीं बन सकी है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






