ईरान-अमेरिका वार्ता के दौरान बड़े हमले की आशंका, रिपोर्ट में इजराइल पर जताई गई चिंता, अमेरिका ने किया अलर्ट

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अमेरिका ने अप्रैल की वार्ता के दौरान ईरानी नेताओं पर संभावित हमले की आशंका जताते हुए तेहरान को सतर्क रहने का संदेश भेजा था। खामेनेई के अंतिम संस्कार, परमाणु नीति और इजराइल-ईरान तनाव के बीच पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा व्यवस्था और कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में शुरू हुई बातचीत के दौरान एक बड़ा सुरक्षा संकट सामने आया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन को आशंका थी कि इजराइल ईरान के शीर्ष नेताओं और वार्ता में शामिल प्रतिनिधियों को निशाना बना सकता है। इसी खतरे को देखते हुए अमेरिका ने मध्य-पूर्व के सहयोगी देशों के जरिए तेहरान तक गोपनीय संदेश पहुंचाकर सतर्क रहने की सलाह दी थी। उस समय दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत जारी थी। माना जा रहा था कि यदि किसी बड़े ईरानी नेता पर हमला होता, तो वार्ता और युद्धविराम की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी।


वार्ता के दौरान सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका को विशेष रूप से ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। पाकिस्तान में प्रस्तावित एक बैठक से पहले भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संभावित खतरे की जानकारी मिली थी। इसके बाद पाकिस्तान ने सुरक्षा के मद्देनजर ईरानी विमान को लड़ाकू विमानों की निगरानी में इस्लामाबाद तक पहुंचाया। वापसी के दौरान भी सुरक्षा अलर्ट मिलने पर विमान की मशहद में आपात लैंडिंग कराई गई, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल सड़क मार्ग से तेहरान पहुंचा। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि उस दौर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी पक्ष बेहद सतर्क थे।


खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच बढ़ा पश्चिम एशिया का तनाव

इधर, खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर ईरान में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। चार से नौ जुलाई तक चलने वाले इस राजकीय कार्यक्रम में करोड़ों लोगों और दुनिया भर से प्रतिनिधियों के शामिल होने का अनुमान है। ईरान ने देशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। वहीं ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए शीर्ष नेतृत्व को धमकी देने का आरोप लगाया है। साथ ही फोर्डो, नतांज और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की एंट्री रोकने का फैसला भी लिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका को चेतावनी देने और परमाणु नीति की समीक्षा की मांग ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।


अंतिम संस्कार में जुटेगा दुनिया का बड़ा प्रतिनिधिमंडल

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, खामेनेई का अंतिम संस्कार देश के सबसे बड़े राजकीय समारोहों में से एक होगा। कार्यक्रम में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री सैयद मोहसिन नकवी तेहरान पहुंच चुके हैं, जबकि कई अन्य देशों ने भी अपने प्रतिनिधिमंडल भेजने की पुष्टि की है। गुरुवार को खामेनेई के ताबूत को उस स्थान पर भी ले जाया गया, जहां फरवरी में हुए हवाई हमले में उनकी मौत हुई थी। अंतिम विदाई के दौरान उनके ताबूत पर लाल झंडा रखा गया, जिसे शिया परंपरा में शहादत और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। इस बीच ईरान में परमाणु नीति की समीक्षा की मांग भी तेज हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की राजनीति और अधिक संवेदनशील हो सकती है।

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