सीजफायर के बीच अमेरिका का बड़ा हमला, ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर एयरस्ट्राइक, बहरीन-कुवैत में जवाबी कार्रवाई
- Shiv Kumar
- 08 Jul, 2026
सीजफायर के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। बुधवार तड़के अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई, जिनके लिए अमेरिका ने सीधे ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा करते हुए बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
अमेरिका ने सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, ईरान ने भी जवाब देने का किया दावा
अमेरिकी सेना के मुताबिक एयरस्ट्राइक में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार, ड्रोन लॉन्च साइट्स, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से अधिक सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया का दावा है कि सीरिक, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों में जोरदार धमाके हुए, जिनके बाद कई जगह आग लग गई। इसके कुछ ही देर बाद IRGC ने कहा कि उसने बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस समेत 85 अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज में बढ़ा तनाव, तेल बाजार और कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल
ईरान ने इससे पहले होर्मुज स्ट्रेट में तीन टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया था, जिनमें एक कतर का जहाज भी शामिल बताया गया। कतर ने इस घटना की निंदा करते हुए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि धमकियों के माहौल में अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है। इस बीच पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा इराक के नजफ में जारी है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी तेजी देखने को मिली। अमेरिकी क्रूड ऑयल (WTI) की कीमत करीब 2.7 प्रतिशत बढ़ गई। बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और कितना गहराता है।
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