अमेरिका ने हमला किया तो पूरे इलाके में मचेगी तबाही? ईरान ने कहा- गल्फ देशों के एनर्जी ठिकानों को बनाएंगे निशाना
- Shiv Kumar
- 06 Aug, 2026
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसके ऊर्जा ढांचे पर दोबारा हमला किया तो वह पूरे क्षेत्र के तेल ठिकानों, रिफाइनरियों, बिजली ग्रिड और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा। हालांकि ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अब भी कूटनीतिक समाधान चाहता है और सैन्य टकराव से बचने के पक्ष में है। इस बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच बातचीत तेज हो गई है, जिससे क्षेत्रीय हालात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
ईरान ने खाड़ी देशों से मांगा समर्थन, अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किये और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से संपर्क कर अमेरिका पर सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए दबाव बनाने की अपील की है। ईरान का कहना है कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर फिर हमला हुआ तो उसका जवाब पहले से कहीं अधिक कड़ा होगा। इसी बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत कर सैन्य कार्रवाई टालने और कूटनीतिक प्रयास जारी रखने की अपील की है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि क्षेत्रीय देश तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर समझौते की उम्मीद, लेकिन खतरा अभी बरकरार
ईरान ने दावा किया है कि ओमान के साथ होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए नए समुद्री मार्ग की रूपरेखा पर सहमति बन गई है और जल्द संयुक्त घोषणा की जा सकती है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है और अगले 48 घंटे में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि ईरान ने यह भी कहा है कि ओमान के साथ सहमति बनने का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज पूरी तरह सुरक्षित हो गया है। यदि अमेरिका का सैन्य दबाव जारी रहता है तो सुरक्षा जोखिम भी बने रहेंगे। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।
ट्रम्प बोले- समझौता युद्ध से बेहतर, रिपोर्ट में अमेरिकी मिसाइल भंडार पर दावा
लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वह युद्ध की बजाय समझौते का रास्ता अपनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं लोगों को मारना नहीं चाहता, इसलिए समझौता करना पसंद करूंगा।" ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान खुद बातचीत का इच्छुक है और दोनों देशों के बीच समझौता संभव है। इस बीच CNN की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अपने THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लगभग 80 प्रतिशत और पैट्रियट सिस्टम के करीब आधे इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर लिया। वहीं संयुक्त राष्ट्र के अनुसार लेबनान में संघर्ष कम होने के बाद 8.21 लाख से अधिक विस्थापित लोग अपने घर लौट चुके हैं, हालांकि बड़ी संख्या में लोग अब भी विस्थापित हैं।
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