भारत के वोटर ID सिस्टम का ट्रम्प ने दिया उदाहरण, बोले- चुनाव आयुक्त ने पूछा अमेरिका में बिना फोटो ID वोटिंग कैसे?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को मंजूरी देने की अपील की। प्रस्ताव में मतदान के दौरान फोटो पहचान पत्र और पंजीकरण में नागरिकता का प्रमाण अनिवार्य करने की बात है। विधेयक पर अमेरिका में राजनीतिक मतभेद जारी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया को और सख्त बनाने की मांग की है। मंगलवार को अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर की गई एक पोस्ट में ट्रम्प ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को मंजूरी देने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में अमेरिकी प्रशासन से यह सवाल किया था कि बिना वैध फोटो पहचान पत्र के अमेरिका में चुनाव कैसे कराए जा सकते हैं। इसी संदर्भ में ट्रम्प ने अमेरिकी चुनावों में पहचान और नागरिकता से जुड़े नियमों को कड़ा करने पर जोर दिया।


क्या है ‘सेव अमेरिका एक्ट’ और क्यों हो रही चर्चा

‘सेव अमेरिका एक्ट’ अमेरिका में मतदाता पंजीकरण और मतदान से जुड़े नियमों को सख्त करने वाला प्रस्तावित विधेयक है। इसके तहत मतदाता पंजीकरण के समय नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण देने और मतदान के दौरान फोटो पहचान पत्र दिखाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अलावा डाक के जरिए मतदान की प्रक्रिया को भी सीमित करने की बात कही गई है। यह विधेयक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से पारित हो चुका है, लेकिन सीनेट में अभी इसे मंजूरी नहीं मिली है। ट्रम्प लंबे समय से इसके समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि सख्त नियमों से चुनाव में होने वाली कथित गड़बड़ियों पर रोक लगाने और मतदान प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।


वोटर आईडी को लेकर अमेरिका में पुरानी राजनीतिक बहस

अमेरिका में मतदान के लिए पहचान पत्र की अनिवार्यता को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच लंबे समय से मतभेद हैं। विधेयक के समर्थकों का तर्क है कि फोटो पहचान पत्र और नागरिकता के प्रमाण से चुनाव प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय हो सकती है। दूसरी तरफ विरोध करने वालों का कहना है कि गैर-नागरिकों का मतदान पहले से ही प्रतिबंधित है और अतिरिक्त दस्तावेजों की अनिवार्यता से उन लोगों को परेशानी हो सकती है, जिनके पास जन्म प्रमाणपत्र या वैध पासपोर्ट जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। बाइपार्टिसन पॉलिसी सेंटर के अनुसार, अमेरिका में करीब 12 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं के पास आम तौर पर स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजी प्रमाण नहीं हैं।


दूसरे देशों में फोटो आईडी के नियम कैसे हैं

दुनिया के अलग-अलग देशों में मतदान के दौरान पहचान साबित करने के नियम अलग-अलग हैं। ब्रिटेन में कुछ चुनावों के दौरान मतदान केंद्र पर फोटो पहचान पत्र दिखाना जरूरी है, जबकि स्कॉटलैंड और वेल्स के कुछ स्थानीय चुनावों में ऐसी अनिवार्यता नहीं है। कनाडा में मतदाता को अपनी पहचान और पता साबित करना होता है, लेकिन इसके लिए केवल फोटो पहचान पत्र ही अनिवार्य नहीं है। वहां मतदाता एक फोटो पहचान पत्र या दो अन्य मान्य दस्तावेज पेश कर सकता है। कुछ परिस्थितियों में पहचान पत्र न होने पर दूसरा मतदाता भी उसकी पहचान की पुष्टि कर सकता है। इसी अंतर को देखते हुए अमेरिका में चुनावी पहचान संबंधी नियमों को लेकर बहस लगातार जारी है।

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