अमेरिका में शरिया कानून पर ट्रंप का सख्त रुख, बोले- प्रतिबंध का समर्थन करूंगा, ‘विचारधारा नहीं, कॉमन सेंस पर भरोसा’

top-news
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शरिया कानून पर रोक लगाने वाले कानून का समर्थन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में केवल एक कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। ट्रंप ने कुछ हिस्सों में शरिया कानून के पालन का दावा किया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में शरिया कानून को लेकर सख्त रुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि अगर शरिया कानून पर रोक लगाने के लिए कानून लाया जाता है तो वह उसका समर्थन करेंगे। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में कानून की एक ही व्यवस्था होनी चाहिए और देश में किसी दूसरी कानूनी व्यवस्था की जगह नहीं है। उन्होंने ये बातें रूढ़िवादी प्रसारक ग्लेन बेक के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कहीं। बेक ने उनसे पूछा था कि क्या वह अमेरिका के लिए शरिया कानून विरोधी अधिनियम जैसे किसी प्रस्ताव को आगे बढ़ाने या उस पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार होंगे। जवाब में ट्रंप ने साफ कहा कि शरिया कानून अमेरिका के लिए नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिका के कुछ हिस्सों में पहले से शरिया कानून का पालन किया जा रहा है, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया और न ही उन जगहों के नाम बताए। ट्रंप ने इस मुद्दे को देश की कानूनी व्यवस्था और राष्ट्रीय पहचान से जोड़ते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की।


ट्रंप बोले- जहां भी दिखेगा, कार्रवाई की जाएगी

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में एक ही कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जहां भी शरिया कानून लागू होता दिखाई देगा, वहां अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि, राष्ट्रपति ने यह साफ नहीं किया कि वह इस दिशा में नया संघीय कानून लाएंगे, कोई कार्यकारी आदेश जारी करेंगे या कांग्रेस में पहले से मौजूद किसी प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि प्रस्तावित रोक किस तरह काम करेगी। ट्रंप ने अमेरिकी व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि उनका देश का कानूनी ढांचा मजबूत है। उन्होंने माना कि कभी-कभी यह व्यवस्था निराशाजनक लग सकती है, लेकिन उनकी नजर में यह सबसे अच्छी व्यवस्था है। ट्रंप ने इस मुद्दे को राजनीतिक विचारधारा से ज्यादा आम समझ से जुड़ा बताया और कहा कि वह इस मामले में ग्लेन बेक और उनके जैसे लोगों के साथ खड़े रहेंगे।


लंदन-पेरिस का जिक्र, महंगाई पर भी साधा निशाना

साक्षात्कार के दौरान ट्रंप ने यूरोप की राजधानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लंदन या पेरिस जाने पर ऐसा लगता है जैसे वहां जिंदगी जीने का तरीका काफी अलग है। उन्होंने इसे अजीब अनुभव बताया और अमेरिकी कानूनी व्यवस्था को लेकर अपनी बात दोहराई। बातचीत में महंगाई का मुद्दा भी सामने आया। बेक ने पूछा कि बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित युवा अमेरिकियों को रिपब्लिकन क्या जवाब देंगे। इस पर ट्रंप ने महंगाई के लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन को पहले से बहुत ज्यादा महंगाई मिली थी। इस तरह साक्षात्कार में शरिया कानून के साथ-साथ देश की कानूनी व्यवस्था, यूरोप में बदलते सामाजिक माहौल और अमेरिका में बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर ट्रंप ने अपनी स्थिति सामने रखी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *