नेपाल में बाढ़ का कहर: हाइड्रोपावर सुरंगों में 898 कर्मचारी फंसे, 6 इंच के छेद से पहुंचाई जा रही हवा, मृतकों का आंकड़ा 750
- Shiv Kumar
- 30 Aug, 2026
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक करीब 898 कर्मचारी अभी भी अलग-अलग सुरंगों में फंसे हुए हैं, जबकि 361 लोगों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। त्रिशूली-3 ‘ए’ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में राहत और बचाव दल लगातार मशीनों की मदद से मिट्टी और गाद हटाने में जुटे हैं। सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक हवा पहुंचाने के लिए करीब 6 इंच का छेद किया गया है और इसके जरिए पाइप डालकर ऑक्सीजन जैसी जरूरी हवा पहुंचाई जा रही है। अब इस रास्ते को बड़ा कर मैनहोल बनाने की तैयारी की जा रही है।
मैनहोल बनाकर सुरंग के अंदर पहुंचने की तैयारी
बचाव दल का मुख्य फोकस सुरंग में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। लगातार मिट्टी और गाद जमा होने के कारण रेस्क्यू टीम के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है। मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है, लेकिन सुरंग की स्थिति को देखते हुए सावधानी के साथ आगे बढ़ा जा रहा है। 6 इंच के छेद के जरिए फिलहाल अंदर हवा पहुंचाई जा रही है, जिससे वहां फंसे लोगों को राहत मिल सके। अधिकारियों की योजना इस छेद को इतना बड़ा करने की है कि इसे मैनहोल के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद बचाव दल सुरंग के अंदर जाकर कर्मचारियों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास करेगा।
बाढ़ में नेपाल और तिब्बत में 750 लोगों की मौत
26 अगस्त को नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। नेपाल में अब तक 734 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि तिब्बत में भी 16 लोगों की जान गई है। इस तरह दोनों क्षेत्रों में मृतकों की संख्या करीब 750 पहुंच गई है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक 2,498 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के बाद निचले इलाकों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। लंबे समय तक पानी में रहने की वजह से शवों के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। इसी वजह से नेपाल सरकार ने शवों को सुरक्षित रखने के लिए दूसरे देशों से मदद मांगी है।
कई देशों ने नेपाल के लिए राहत सहायता का ऐलान किया
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि देश में शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रीजर और कोल्ड स्टोरेज की पर्याप्त सुविधा नहीं है। ऐसे में सरकार दूसरे देशों से फ्रीजर उपलब्ध कराने में सहयोग मांग रही है। इस बीच भारत, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, कनाडा, अमेरिका और चीन समेत कई देशों ने नेपाल की मदद के लिए आर्थिक और मानवीय सहायता की घोषणा की है। भारत ने राहत सामग्री के साथ मेडिकल और सुरंग बचाव टीम भेजी है। ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड, यूरोपीय संघ ने 20 लाख यूरो, कनाडा ने 50 लाख कनाडाई डॉलर और अमेरिका ने 5 लाख डॉलर की सहायता घोषित की है। चीन ने भी राहत सामग्री और आर्थिक मदद देने की व्यवस्था की है।
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