अमेरिका ने एक महीने बाद ईरान पर फिर किया हमला, होर्मुज के पास रॉकेट लॉन्चर्स निशाने पर, जवाब में ईरान ने जॉर्डन में दागी मिसाइलें
- Shiv Kumar
- 31 Aug, 2026
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर हमला कर वहां मौजूद दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाने का दावा किया। यह द्वीप रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित है। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान इन लॉन्चर्स के जरिए होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री बारूदी सुरंगें तैनात करने की तैयारी कर रहे थे। ईरानी पक्ष ने दावा किया कि अमेरिकी हमले में सैनिकों और नागरिकों की मौत हुई है तथा कई लोग घायल हुए। इसके कुछ समय बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद दो अमेरिकी एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। हालांकि, जॉर्डन की एयर डिफेंस द्वारा मिसाइलों को रोकने की बात भी सामने आई है।
लारक द्वीप की लोकेशन ने बढ़ाई चिंता, होर्मुज पर नजर
लारक द्वीप ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह के नजदीक और होर्मुज स्ट्रेट के बीच स्थित है। यही वजह है कि सैन्य गतिविधियों के लिहाज से इस द्वीप को बेहद अहम माना जाता है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला प्रमुख समुद्री रास्ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में इसकी बड़ी भूमिका है। संघर्ष से पहले दुनिया में इस्तेमाल होने वाले करीब पांचवें हिस्से के तेल और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आवाजाही इसी मार्ग से होती थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान इस समय इस क्षेत्र से गुजरने वाले टैंकरों की जांच कर रहा है और जहाजों से स्ट्रेट पार करने के लिए भारी शुल्क वसूलने की बात भी सामने आई है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।
अमेरिका पहले भी बारूदी सुरंगों को लेकर दे चुका है चेतावनी
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव नया नहीं है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान पूरा करने की जानकारी दी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया था कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सुरंगों को हटा दिया गया या निष्क्रिय कर दिया गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई जहाज या नाव होर्मुज में नई समुद्री सुरंग बिछाने की कोशिश करती है तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। ताजा हमले को इसी बढ़ते तनाव के बीच की कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप ने होर्मुज को बताया था ‘न्यू यूएस टेरिटरी’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बेहद सख्त बयान दे चुके हैं। उन्होंने 18 अगस्त को इसे ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बताया था। इसके कुछ दिनों बाद 23 अगस्त को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें होर्मुज को अमेरिकी इलाके के रूप में दिखाया गया था। इन बयानों के बाद क्षेत्र में अमेरिका की भूमिका और उसके सैन्य इरादों को लेकर चर्चा तेज हुई। अब लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई और उसके बाद ईरान की ओर से जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले के दावे ने हालात और तनावपूर्ण कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच सीधे टकराव का खतरा बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है।
होर्मुज के दो रास्तों को लेकर बढ़ा विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। ईरान के करीब उत्तरी हिस्से से गुजरने वाला रास्ता लारक और किश्म द्वीपों के आसपास से होकर गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों तथा तेल टर्मिनलों से जुड़ा है। वहीं दक्षिणी हिस्से का रास्ता ओमान के करीब और ईरान के तट से अपेक्षाकृत दूर है। अमेरिका जहाजों को इसी रास्ते से गुजरने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है और अमेरिकी नौसेना की निगरानी में कई वाणिज्यिक जहाज भी इस दिशा का इस्तेमाल कर रहे हैं। होर्मुज में तनाव लंबा खिंचने पर तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है, जिससे कीमतों पर भी दबाव पड़ सकता है।
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