ED की बड़ी कार्रवाई; जेपी सहित 4 बिल्डरों के ठिकानों से 1.70 करोड़ बरामद, कई अहम दस्तावेज सील

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Noida

Noida: प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की  जेपी समेत 4 बिल्डर कंपनियों पर छापेमारी पूरी हो गई है। यह जांच ईडी ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) जय प्रकाश असोसिएट्स लिमिटेड (जेएल) के खिलाफ  दिल्ली व उत्तर प्रदेश पुलिस में दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर शुरू की है।
 बड़े पैमाने पर घर खरीदारों, निवेशकों को जेपी विशटाउन व जेपी ग्रींस में फ्लैट, प्लॉट, विला व अन्य संपत्तियों को बेचने में धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी की छापेमारी की जद में गौड़, गुलशन, महागुन बिल्डर भी आ गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने 1.70 करोड़ रुपये व दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, लैपटॉप कब्जे में लेकर सीज किया है। 
अचल संपत्तियों का ब्यौरा भी मिला 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद दस्तावेज में बिल्डर कंपनी के प्रमोटर्स व उनके परिवारीजन के नाम पर अचल संपत्तियों का ब्यौरा भी मिला है। ईडी की टीम यह ब्यौरा खंगाल रही है कि जेपी से जिन बिल्डरों ने जमीन ली है, उनकी तरफ से लेनदेन कौन से खातों में हुआ है। जमीन बेचे जाने के पैसे का उपयोग कहां पर हुआ है। पैसा विदेश तो नहीं गया, इसकी भी जांच गहनता से हो रही है।

शुक्रवार को ईडी ने शुरू की थी छापेमारी
दूसरी तरफ जिन बिल्डरों ने जेपी से जमीन ली है, उनके पास पैसा कहां से आया, यह ब्यौरा उनके ठिकानों पर खंगाला गया है। ईडी ने छापेमारी शुक्रवार को की थी।  जेपी के साथ गौड़, गुलशन बिल्डर समूह, महागुन बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। छापेमारी की शुरुआत सेक्टर-128 जेपी के ऑफिस से हुई थी। इसके बाद अन्य जगहों पर टीमें पहुंची थी। इस पूरी जांच की अगुवाई निदेशालय की दिल्ली टीम ने किया था। जेपी की परियोजनाओं में फंसे फ्लैट खरीदार व निवेशकों का ब्यौरा भी ईडी की टीम ने लिया है।

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