नॉर्वे प्रेस कॉन्फ्रेंस विवाद पर राहुल गांधी का निशाना, बोले- सवालों से क्यों डर रहे पीएम मोदी
- Shiv Kumar
- 19 May, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेस मीट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया एक “कॉम्प्रोमाइज पीएम” को सवालों से घबराकर जाते हुए देखती है तो इससे भारत की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि यदि छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो सवालों से डरने की भी कोई वजह नहीं होनी चाहिए। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी नॉर्वे की पत्रकार हेली लिंग की पोस्ट शेयर करते हुए की। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता की थी, लेकिन इस दौरान मीडिया के सवाल नहीं लिए गए। इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई और विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया।
पत्रकार के सवाल के बाद बढ़ा विवाद
नॉर्वे की पत्रकार हेली लिंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए नाराजगी जताई। पत्रकार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि नॉर्वे प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पहले स्थान पर है, जबकि भारत काफी नीचे है और पत्रकारों का काम सरकारों से सवाल पूछना होता है। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनकी पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए उन्हें भारतीय दूतावास की प्रेस ब्रीफिंग में आने का निमंत्रण दिया। हेली लिंग बाद में प्रेस ब्रीफिंग में पहुंचीं और वहां उन्होंने भारत में मानवाधिकार, प्रेस स्वतंत्रता और प्रधानमंत्री द्वारा सवाल नहीं लेने को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान विदेश मंत्रालय के पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज और पत्रकार के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
विदेश मंत्रालय ने भारत का किया बचाव
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत पांच हजार साल पुरानी सभ्यता वाला लोकतांत्रिक देश है और दुनिया को कई क्षेत्रों में योगदान देता रहा है। उन्होंने कोविड महामारी के दौरान भारत द्वारा दूसरे देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने और G20 जैसे वैश्विक मंचों पर निभाई गई भूमिका का भी जिक्र किया। जब पत्रकार ने सीधे जवाब की मांग की तो सिबी जॉर्ज ने कहा कि सवाल पूछना पत्रकार का अधिकार है, लेकिन जवाब किस तरह दिया जाएगा यह तय करना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि भारत में लोगों को मौलिक अधिकार प्राप्त हैं और यदि किसी के अधिकारों का उल्लंघन होता है तो अदालत जाने का अधिकार भी मौजूद है। सिबी जॉर्ज ने विदेशी मीडिया और कुछ एनजीओ रिपोर्टों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई लोग भारत के लोकतंत्र और मीडिया व्यवस्था को पूरी तरह समझे बिना निष्कर्ष निकाल लेते हैं। बाद में हेली लिंग ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें अपने सवालों के सीधे जवाब नहीं मिले और चर्चा भारत की उपलब्धियों पर केंद्रित रही।
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