महिला सांसदों पर टिप्पणी पड़ी भारी! TMC सांसद कल्याण बनर्जी सस्पेंड, सदन में मचा हंगामा

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सदन में विवाद, महिला सांसदों पर टिप्पणी और फिर सस्पेंशन... कल्याण बनर्जी पर बड़ा फैसला

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोकसभा में बड़ी कार्रवाई की गई। महिला सांसदों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और सदन में हुए तीखे विवाद के बाद उन्हें पूरे मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब एनसीपीआई (NCPI) के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से औपचारिक शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी ने सदन की गरिमा के विपरीत भाषा का इस्तेमाल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए संसदीय कार्य मंत्री की ओर से प्रस्ताव लाया गया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद बनर्जी को तत्काल सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए गए।

शिकायत के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कल्याण बनर्जी और एनसीपीआई के कुछ सांसदों के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान महिला सांसदों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। शिकायत मिलने के बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला माना। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से निलंबन का प्रस्ताव रखा गया। प्रस्ताव पारित होते ही कल्याण बनर्जी को मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।

विपक्ष ने जताया विरोध, TMC ने उठाए सवाल

कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने सदन में विरोध दर्ज कराया। तृणमूल कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया। वहीं कल्याण बनर्जी ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष का कहना है कि संसद की गरिमा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी सदस्य को महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

हंगामे के बाद दिनभर के लिए स्थगित हुई कार्यवाही

कल्याण बनर्जी के निलंबन के बाद लोकसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। शोर-शराबे और लगातार विरोध के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। आखिरकार पीठासीन अधिकारी ने दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। संसद के मानसून सत्र के दौरान पहले से ही कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। ऐसे में इस नए घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज रहने की संभावना है

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