खड़गे का शाह पर बड़ा हमला! बोले- बंद कमरे में ज्यादा दिन नहीं छिप पाएंगे
राज्यसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर बहस के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को घेरा। उन्होंने छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई, सरकार की चुप्पी और बिल की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
- Babli Ansari
- 30 Jul, 2026
नई दिल्ली। राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। खड़गे ने हालिया छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग हुआ, कई घायल हुए और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "बंद कमरे में मेरी बात सुन रहे होंगे, लेकिन बहुत दिन तक छिप नहीं सकते। एक दिन हम बाहर खींचकर लाएंगे।" उनके इस बयान के बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति
खड़गे के बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि सदन में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है और सभापति से इसे कार्यवाही से हटाने की मांग की। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि विपक्ष तथ्यात्मक बहस करने के बजाय राजनीतिक आरोप लगा रहा है। इस दौरान कुछ देर तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती रही।
बिल को बताया अधूरा
खड़गे ने अपने भाषण में कहा कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं को रोकने में पहले विफल रही और अब छात्रों के भारी विरोध के बाद संशोधन विधेयक लेकर आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार गंभीर थी तो ऐसे सख्त प्रावधान पहले क्यों नहीं लाए गए। कांग्रेस का कहना है कि सिर्फ कानून में बदलाव पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है। विपक्ष ने शिक्षा पर अधिक निवेश और भर्ती परीक्षाओं में सुधार की भी मांग उठाई।
सरकार ने बिल का किया बचाव
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक का बचाव करते हुए कहा कि संशोधित कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत जांच और सुनवाई की समय-सीमा तय की गई है तथा पेपर लीक से जुड़े संगठित गिरोहों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। फिलहाल विधेयक को लेकर संसद में राजनीतिक टकराव जारी है और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






